गाजीपुर
नृत्य नाटिका के माध्यम से दी गई बिरजू महाराज को श्रद्धांजलि
खानपुर (गाजीपुर)। कथक के महान आचार्य पं. बिरजू महाराज की चौथी पुण्यतिथि पर खानपुर स्थित केडी पब्लिक स्कूल में नृत्य नाटिका का भव्य आयोजन कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने कथक की मनोहारी प्रस्तुतियों के माध्यम से महाराज जी की कला, साधना और विरासत को जीवंत कर दिया।

इस अवसर पर प्रिंसिपल पूनम देवी ने कहा कि बिरजू महाराज ने कथक को नई पहचान दी और उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उन्होंने पारंपरिक कथक में समकालीन तत्वों का समावेश कर उसे और अधिक प्रभावशाली बनाया। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे नृत्य के माध्यम से कथा कह जाते थे—हाथों की भंगिमाएं और आंखों की चेष्टाएं बिना शब्दों के ही रामायण और कृष्णलीला को जीवंत कर देती थीं।
नितेश विश्वकर्मा ने बताया कि महाराज जी अपने पैरों की थाप से ट्रेन की आवाज, इंजन की सीटी और पटरी की खटखटाहट तक साकार कर देते थे, जिसे देखकर दर्शक अचंभित रह जाते थे। वे जितने महान नर्तक थे, उतने ही उत्कृष्ट गायक और संगीतकार भी थे; उनकी ठुमरी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।

विद्यालय के प्रबंधक ई. अनिल यादव ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में बिरजू महाराज का योगदान अद्वितीय और अविस्मरणीय है। उनकी नृत्य साधना, कोमल भावाभिव्यक्ति और संगीत परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा बनी रहेगी।
कार्यक्रम में प्रिया पटेल, किरन बरनवाल, शाबिर अली, शशिकला यादव, किरण कौर, हर्षिता और नीरज ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं, जिनसे पूरा वातावरण श्रद्धा और कला-सौंदर्य से भर उठा।
