वाराणसी
नगरीकरण के बाद भी सफाई व्यवस्था फेल, पूरे कचनार की जिम्मेदारी एक कर्मी पर
वाराणसी। राजातालाब क्षेत्र में काशी–प्रयागराज राजमार्ग 19 की सर्विस लेन पर गंदे पानी का जमाव लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। यह पानी बारिश से नहीं, बल्कि आसपास के घरों से निकलने वाले अवजल का है, जिसे नाले की व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर बहाया जा रहा है। इससे पैदल चलने वालों और राहगीरों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब पांच वर्ष पहले राजमार्ग के फोरलेन और सर्विस लेन के बीच बारिश के पानी की निकासी के लिए एक नाला बनाया गया था, लेकिन घरों से निकलने वाले सीवर और गंदे पानी के लिए आज तक कोई अलग व्यवस्था नहीं की गई। इसी वजह से पूरी सर्विस लेन में जगह-जगह जलभराव बना रहता है और गंदा पानी जमा हो जाता है।

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े-कचरे के ढेर भी लगे हुए हैं। कचनार ग्राम प्रधान उर्मिला देवी के अनुसार, कचनार गांव अब पूरी तरह नगरीकृत हो चुका है। सब्जी मंडी से लेकर ओवरब्रिज चौराहे के अंडरपास और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई का जिम्मा केवल एक सफाईकर्मी पर है, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
उर्मिला देवी ने बताया कि इसी कारण गांव में कोई सफाईकर्मी आने को तैयार नहीं होता और जो भी आता है, वह कुछ दिनों से अधिक नहीं टिकता। काम का दबाव बढ़ते ही सफाईकर्मी गायब हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर उन्होंने एडीओ पंचायत से लेकर डीपीआरओ तक कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

स्थानीय निवासी और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार गुप्ता ने बताया कि यह इलाका तहसील और ब्लॉक मुख्यालय के नजदीक स्थित है। इसके बावजूद, मात्र 100 मीटर के दायरे में ब्लॉक प्रमुख नगीना सिंह पटेल, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल और पूर्व विधायक महेंद्र पटेल का आवास होने के बाद भी यह समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि साफ-सफाई की स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी तो सफाईकर्मियों की नियुक्ति का कोई औचित्य नहीं रह जाता। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
