गोरखपुर
नंदानगर बस पार्किंग पर नगर निगम की कार्रवाई, ठेकेदार ने उठाए सवाल
गोरखपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा नंदानगर क्षेत्र में प्राइवेट बसों के लिए पार्किंग स्थल आवंटित किया गया है। इसी पार्किंग से प्रतिदिन सैकड़ों निजी बसें हजारों यात्रियों को लेकर बिहार के विभिन्न जिलों के लिए संचालित होती हैं।
बताया जा रहा है कि नगर निगम ने ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से उक्त पार्किंग स्थल मेसर्स रामलखन को आवंटित किया था। इसके तहत वहां टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई थीं।
इसी बीच 23 मार्च को नगर निगम के प्रवर्तन दल की टीम बिना पूर्व सूचना के मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, शौचालय समेत अन्य संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई का कारण पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और न ही सामान हटाने के लिए समय दिया गया।
कार्रवाई के दौरान पार्किंग स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे और विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। ठेकेदार का कहना है कि इस ध्वस्तीकरण से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं प्रवर्तन दल द्वारा कुछ सामान भी अपने साथ ले जाया गया।
मेसर्स रामलखन ने नगर आयुक्त से शिकायत कर कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब नगर निगम द्वारा ही विधिवत टेंडर प्रक्रिया के तहत स्थान आवंटित किया गया था, तो अतिक्रमण बताकर की गई यह कार्रवाई समझ से परे है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि स्थल अधिकृत था, तो बिना सूचना की गई यह कार्रवाई कितनी उचित है और हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
