गाजीपुर
नंदगंज रेलवे स्टेशन पर बंदरों की बढ़ती संख्या से यात्री परेशान व भयभीत
गाजीपुर। जिले के नंदगंज रेलवे स्टेशन पर बंदरों की बढ़ती संख्या यात्रियों के लिए परेशानी और डर का कारण बनती जा रही है। प्लेटफार्म पर हर समय बंदरों के झुंड मौजूद रहने से लोगों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है। इस स्थिति का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं तथा छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। जिससे सफर के दौरान खासा सतर्क रहना पड़ता है। यात्रा करने वाले यात्रियों के अनुसार कई बार बंदर आपस में गुर्रा कर को-को करते हुए यात्रियों की ओर दौड़ने लगते हैं।
यही नहीं थोड़े थोड़े अंतराल पर आपस में झगड़ते रहते हैं। जिससे स्टेशन के प्लेटफार्म पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। रात के समय स्थिति और और भी चिन्ताजनक हो जाती है। क्योंकि रात में प्लेटफार्म पर बने शेडों में ये बन्दर अपना डेरा जमा लेते हैं और मल-मूत्र करते रहते हैं। जिससे प्लेटफार्म के नीचे बैठने हेतु रखें ब्रेंच पर गिरता रहता है। इस पर बैठने वाले यदि इन्हें भगाने की कोशिश करते है तो ये झपट्टा मारने का प्रयास करते हैं।
यात्रियों का कहना है कि सुबह होते ही जैसे ही यात्री सामान के साथ प्लेटफार्म पर पहुंचते हैं तो खाने-पीने तथा झोला आदि पर बंदरों का झपट्टा मारना शुरू हो जाता है। ये सामान को लेकर ऊंचे पेड़ों पर चढ़ जाते हैं। लोग ताकतें रह जाते हैं ।चूंकि सुबह ही पांच बजे से दो घंटे के अंदर चार पैसेंजर गाड़ियों का आवागमन होने से यात्री भी सुबह-सुबह प्लेटफार्म पर आ जाते हैं। इन बंदरों के उत्पात पर निगरानी व कोई कार्रवाई नहीं होने से इनकी संख्या भी काफी बढ़ गयी है। लगभग 500 बंदरों में इनके छोटे-छोटे बच्चे काफी उत्पात मचाते रहते हैं। लोगों ने रेलवे प्रशासन से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन बंदरों को हटाने तथा समस्या का स्थायी समाधान के लिये तुरन्त प्रभावी कदम उठाया जाने की मांग की है।
