वाराणसी
दो दिवसीय ट्रेनिंग फॉर ट्रेनर्स कार्यशाला संपन्न
शिक्षा के प्रारूप व विभिन्न मानकों को अधिक बोधगम्य व रुचिकर बनाने के लिए हुआ विचार-विमर्श
संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर केंद्रित दो दिवसीय ToT कार्यशाला संपन्न
वाराणसी (शिवपुर)। सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल के ज्ञानपीठ सभागार में 22-23 नवंबर 2024 के मध्य दो दिवसीय ट्रेनिंग फॉर ट्रेनर्स (ToT) कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यशाला में प्रयागराज जोन के 65 से अधिक प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के निर्धारित मानकों और प्रारूपों से परिचित कराना तथा शिक्षण तकनीकों में नवीन रणनीतियों का विकास करना था। कार्यक्रम में जीवन कौशल और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा के संधारणीय विकास पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
प्रशिक्षण सत्रों में शिक्षा के विभिन्न मानकों को रुचिकर और बोधगम्य बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने शिक्षण तकनीकों में नवाचार और गुणवत्ता के निर्धारण पर अपने विचार साझा किए।
संस्था की प्रधानाचार्या डॉ. नीलम सिंह ने कहा, “सीबीएसई द्वारा आयोजित इस तरह की कार्यशालाएं विद्यालय के लिए अभूतपूर्व अनुभव हैं। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
कार्यशाला के दौरान डॉ. अखिलेश कुमार (हेड सीओई, प्रयागराज) के निर्देशन में गुंजन गांधी (संयुक्त निदेशक, आईएसटीएम), उमेश चंद्र जोशी (वरिष्ठ सलाहकार, टीएनए) और मुकेश सहलत ने प्रशिक्षणार्थियों को अत्यंत रोचक और प्रभावी शैली में प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अवधारणाओं, शिक्षण तकनीकी, और निर्देशनात्मक रणनीतियों को विकसित करने के लिए प्रशिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। यह कार्यशाला न केवल शिक्षकों के कौशल विकास में सहायक रही बल्कि भविष्य की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने के लिए भी प्रेरणादायक सिद्ध हुई।
