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वाराणसी

देव दीपावली : काशी के विकास के साथ ही बताया जाएगा धार्मिक महत्व

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वाराणसी। 15 नवंबर को विश्वप्रसिद्ध देव दीपावली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें इस बार खास आकर्षण होंगे। काशी विश्वनाथ धाम और गंगा द्वार के पास रेती पर आतिशबाजी और चेतसिंह घाट पर लेजर शो देखने को मिलेगा। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक आरके रावत ने बताया कि इस सप्ताह विदेश से आतिशबाजी करने वाली टीम गंगा पार के स्थल का निरीक्षण करेगी जहां क्षेत्रफल और अन्य विवरण तय किए जाएंगे फिर उसका ट्रायल किया जाएगा। चेतसिंह घाट पर होने वाले लेजर शो में काशी के विकास के साथ-साथ पौराणिक धार्मिक महत्व और काशी के सांस्कृतिक योगदान को दर्शाया जाएगा।

इस बार करीब 15 मिनट की आतिशबाजी की जाएगी जो पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होगी। लयात्मक आतिशबाजी तबले की थाप पर शिव स्तुति पर आधारित होगी जो देव दीपावली का प्रमुख आकर्षण बनेगी।

पर्यटन विभाग ने बताया कि इस वर्ष सभी सार्वजनिक भवनों और चौराहों को झालरों से सजाया जाएगा। घाटों पर लगाए गए पोलों को स्पाइरल लाइट से सजाया जाएगा। घाटों के अलावा, शहर और गांवों के सभी कुंडों और सरोवरों पर भी देव दीपावली मनाई जाएगी। इस बार तीन लाख दीये गाय के गोबर से बनाए जाएंगे और दीये-बाती का वितरण 15 नवंबर से एक दिन पहले किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने देव दीपावली समितियों से दीया और बाती की सूची मांगी है, और पर्यटन विभाग ने इस बार दस लाख दीये जलाने की तैयारी की है। गंगा पार की रेती को 48 सेक्टरों में बांटा गया है, और इसी आधार पर दीये सजाए जाएंगे। इसके अलावा घाट उस पार भी झालरों से सजाए जाएंगे।

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