वाराणसी
दिल्ली ब्लास्ट में बाल-बाल बचीं वाराणसी की नंदिनी-शिवानी
वाराणसी। दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की खबर से पूरे देश में दहशत का माहौल है। इसी बीच वाराणसी की दो बहनें नंदिनी गुप्ता और शिवानी जो घटना से कुछ घंटे पहले उसी क्षेत्र से होकर निकली थीं, सकुशल अपने परिवार से संपर्क में आईं। उन्होंने बताया कि विस्फोट से पहले वे दरियागंज में थीं और फिर खरीदारी के लिए चांदनी चौक चली गई थीं। वहां पहुंचने के कुछ ही देर बाद धमाके की खबर मिल गई।
नंदिनी और शिवानी पांडेयपुर के हुकुलगंज क्षेत्र की निवासी हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि “हम चांदनी चौक पहुंचीं ही थीं कि वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने आसपास का इलाका खाली कराना शुरू कर दिया। किसी तरह डेढ़ घंटे बाद हम मेट्रो से अपने होटल लौट सकीं।”
दोनों बहनें वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत के अध्यक्ष प्रमोद अग्रहरी की बेटियां हैं। वे खरीदारी के उद्देश्य से दिल्ली गई थीं। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत पिता को फोन कर सुरक्षित होने की सूचना दी। अब उन्होंने शिवगंगा एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत ट्रेन से लौटने का फैसला किया है। प्रमोद अग्रहरी ने बताया कि धमाके की खबर सुनते ही मन बेचैन हो उठा था, लेकिन जब बेटियों का फोन आया तो राहत मिली।
नंदिनी ने बताया, “हम लाल किला घूमने की योजना बना रहे थे, लेकिन समय की कमी के कारण चांदनी चौक चले गए। शायद बाबा विश्वनाथ की कृपा थी कि हम वहां से पहले ही निकल आए।”
उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद दिल्ली में सख्त सुरक्षा व्यवस्था है। हर चौराहे और बाजार में पुलिस की गहन जांच चल रही है। कनॉट प्लेस और अन्य प्रमुख इलाकों को भी रात आठ बजे तक खाली कराया गया।
