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वाराणसी

दनियालपुर में बनेगा आधुनिक पशु आश्रय स्थल, पालतू कुत्तों का विधानसभावार डाटा होगा तैयार

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वाराणसी। वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी समिति की करीब छह घंटे चली बैठक में माहौल गर्म रहा। पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों पर संतोषजनक प्रगति न दिखने पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने नाराजगी जताई और साफ कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में दनियालपुर की पांच बीघा जमीन पर निराश्रित पशुओं के लिए आधुनिक आश्रय स्थल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस आश्रय स्थल में बेसहारा पशुओं के रखरखाव और इलाज की व्यवस्था के साथ आवास, भोजन और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

साथ ही निर्णय लिया गया कि शहर में पालतू कुत्तों का विधानसभावार डाटा तैयार किया जाएगा, जिसमें कुत्तों की नस्ल, पालक का नाम और मोबाइल नंबर, पंजीकरण की स्थिति और टीकाकरण का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़ने में ढिलाई पर महापौर ने पशुकल्याण अधिकारी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को फटकार लगाई।

नगर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया। ईईएसएल की अवधि समाप्त होने को देखते हुए तय किया गया कि अब स्ट्रीट लाइट से संबंधित उपकरण सीधे कंपनियों से खरीदे जाएंगे, जिससे प्रति वर्ष करोड़ों रुपये की बचत होने की उम्मीद है।

अलोक विभाग में 15 अवर अभियंताओं की तैनाती का प्रस्ताव पारित किया गया, जबकि कार्यों की गति बढ़ाने के लिए जलकल तथा सामान्य अभियंत्रण विभाग में भी 15–15 अवर अभियंताओं की नियुक्ति पर सहमति बनी। बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति पर जल निगम के अवर अभियंता को बैठक से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद अधिशासी अभियंता तत्काल बैठक में पहुंचे।

इसी क्रम में सदस्य हनुमान प्रसाद ने पार्षद कोटा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023–24, 2024–25 और 2025–26 में स्ट्रीट लाइट और सीवरेज के कार्यों की स्थिति पर जानकारी मांगी, जिस पर महापौर ने 31 मार्च तक 2024–25 के स्वीकृत कार्यों को हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया।

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बैठक में नगर निगम क्षेत्र के वार्डों में रखरखाव से जुड़ी कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। महापौर ने निर्देश दिया कि स्मार्ट काशी ऐप पर लंबित 2,000 से अधिक शिकायतों का तीन दिसंबर तक शत-प्रतिशत निस्तारण किया जाए और चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में किसी भी अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे, जिस पर महापौर ने मानक के अनुरूप कार्य न करने वाली संस्थाओं से जुर्माना वसूलने और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। इसके लिए विभागवार एक निगरानी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। उपसभापति नरसिंह दास ने भी सीएम ग्रिड योजना के तहत हो रहे कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्न उठाते हुए जुर्माना वसूलने की बात कही, जिस पर महापौर ने मुख्य अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।

बैठक में पद्म अवार्डियों के सम्मान से जुड़े प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। तय किया गया कि पद्म अवार्डियों के नाम से उनकी गलियों और सड़कों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और उन्हीं के नाम से नामकरण होगा। यदि उनके घर के लोग अपने भवन में एक कक्ष उपलब्ध कराते हैं तो नगर निगम उस कक्ष को संरक्षित कर उसका सुंदरीकरण कराएगा। मुख्य अभियंता को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

कज्जाकपुरा आरओबी का नाम बदलकर ‘बाबा लाट भैरव फ्लाईओवर’ करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसे सदन की अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। बाढ़ के समय अस्सी और नगवां क्षेत्र के प्रभावित होने की समस्या पर चर्चा के दौरान मुख्य अभियंता को अस्सी नाले के पास बैराज का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए महापौर ने घोषणा की कि एक से 31 दिसंबर के बीच यदि कोई मकान मालिक अपने घर पर सोलर प्लांट लगाकर उसे ग्रिड से जोड़ता है और संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करता है तो उसे संपत्ति कर में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। ऑनलाइन कर जमा करने पर यह छूट बढ़ाकर 12 प्रतिशत होगी। इससे पहले एक सदस्य ने प्रस्ताव दिया था कि जो लोग अपने घरों पर सोलर प्लांट लगाएं, उन्हें संपत्ति कर में छूट दी जाए।

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बैठक में नगर निगम से संबंधित कई अन्य अहम निर्णय भी लिए गए। टाउनहाल से सटी 52 दुकानों का प्लाजा में आवंटन, नगर निगम के बाजारों के किराए की स्वीकृति, अतिक्रमण गैंग के लिए 20 श्रमिक और 10 जवान रखने, नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों की दरों में संशोधन तथा शो टैक्स की दरों को मंजूरी दी गई। शहर के अस्पतालों द्वारा जन्म और मृत्यु के विवरण लेटर पैड पर देने की शिकायत पर महापौर ने नाराजगी व्यक्त की और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इस संबंध में निर्देश भेजने की बात कही।

जोन कार्यालयों के अभिलेखों का तीन माह के भीतर डिजिटाइजेशन कराने और ई-नगर सेवा पोर्टल पर दाखिल-खारिज संबंधित प्रकरणों का 45 दिन के भीतर निस्तारण करने के निर्देश भी पारित किए गए। हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाटों पर लकड़ी के भंडारण की अवधि अधिकतम 10 दिन निर्धारित की गई और 10 दिसंबर से मृत्यु पंजीयन की व्यवस्था लागू कराने के आदेश दिए गए।

नगर निगम के विभिन्न बाजारों जैसे जवाहर बाड़ा, न्यू विजयनगरम मार्केट, कृपलानी मार्केट, गुरु नानक मार्केट, गुरु नानक एक्सटेंशन और दूल्हिन जी मार्केट में स्थित दुकानों पर तय किराए को स्वीकृति प्रदान की गई। नगर निगम सीमा के भीतर पेइंग गेस्ट हाउस, होम स्टे और डोरमेट्री से संबंधित भवनों पर 1,500 रुपये वार्षिक किराया निर्धारित किया गया तथा 15 दिसंबर तक ऐसे सभी भवनों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, सदस्य अमरदेव यादव, प्रमोद राय, हनुमान प्रसाद, अशोक मौर्य, राजेश यादव चल्लू, सुशील कुमार गुप्ता, प्रवीण राय, मदन मोहन तिवारी, राजकपूर चौधरी, माधुरी सिंह, सुशीला, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संगम लाल, विनोद कुमार गुप्ता, संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र, मुख्य अभियंता आर.के. सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के. चौधरी, महाप्रबंधक जलकल अनूप सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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