वाराणसी
दक्षिण भारत सहित अन्य शहरों के पीड़ितों ने कमिश्नरेट में दर्ज कराई जीरो एफआईआर
वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी में नागरिकों की सुविधा के लिए अब तक 327 ई-एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिससे लोगों को बिना थाने गए ही ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराने की सुविधा मिली है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि दक्षिण भारत समेत देश के अन्य राज्यों के मामलों में अब तक 35 जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अपराध होता है और वह अपने क्षेत्र के थाने तक तुरंत नहीं पहुंच पाता, तो वह देश के किसी भी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करा सकता है।
कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त ने तीन नए आपराधिक कानूनों (BNS, BNSS, BSA), साइबर अपराध, ई-एफआईआर, और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से न्यायिक साक्ष्य की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उन लोगों के बयान या गवाही दर्ज की जा सकती है जो किसी कारणवश अदालत में उपस्थित नहीं हो सकते। अब तक 824 पेंशनर्स को इस माध्यम से साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
मोहित अग्रवाल ने बताया कि फॉरेंसिक एविडेंस का अनिवार्य उपयोग अपराध जांच को वैज्ञानिक और सटीक बनाता है। अब तक 2431 मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं, जिससे सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में दोष सिद्धि सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी द्वारा कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता, और किसी को भी अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक विवरण साझा नहीं करना चाहिए।
कार्यक्रम में पेंशनर्स से संबंधित भुगतान, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। थानों पर तैनात अधिकारियों को नियमित संवाद बनाकर पेंशनर्स की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश भी जारी किए गए।
सिगरा थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा ने उपस्थित महिलाओं, युवतियों और छात्र-छात्राओं को तीन नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूक किया।
