गोरखपुर
दक्षिणांचल के ग्रामीण इलाकों में चैत्र नवरात्र की धूम, मंदिरों से बाजार तक दिखी आस्था की रौनक
गोरखपुर। जनपद के दक्षिणांचल क्षेत्र खजनी एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में चैत्र नवरात्र पर्व को लेकर व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। नवरात्र के आगमन के साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बन गया है और गांव-गांव में माता रानी के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।
नवरात्र के प्रथम दिवस विधिपूर्वक कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना आरंभ करने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर मां के नौ स्वरूपों की आराधना में लीन रहने की तैयारी कर रहे हैं। सुबह और शाम की आरती के समय मंदिरों में विशेष भीड़ जुटने की संभावना व्यक्त की गई है। महिलाएं पारंपरिक मंगल गीतों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना रही हैं, वहीं युवा वर्ग भी धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के प्राचीन देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई स्थानों पर दुर्गा सप्तशती पाठ, भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा है। श्रद्धालु पूर्ण नियम और संयम के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
नवरात्र के मद्देनजर बाजारों में भी खास चहल-पहल दिखाई दे रही है। पूजा सामग्री, फल, फूल, नारियल, चुनरी एवं माता के श्रृंगार से जुड़ी वस्तुओं की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। दुकानदारों के अनुसार इस बार नवरात्र को लेकर बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है, जिससे व्यापारियों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर छोटे-छोटे मेलों जैसा दृश्य भी नजर आ रहा है।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां दुर्गा की सच्चे मन से की गई आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ लोग पूरे श्रद्धा और उत्साह से पर्व मना रहे हैं। नवरात्र के दौरान स्वच्छता, सात्विकता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
इस प्रकार खजनी और आसपास के दक्षिणांचल क्षेत्रों में चैत्र नवरात्र केवल एक धार्मिक पर्व न होकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बनकर उभर रहा है, जिसमें हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर सहभागिता कर रहे हैं।
