गोरखपुर
तीन तलाक पीड़िता चार दिन से तीन मासूम संग लगा रही है गोला थाने का चक्कर, नहीं दर्ज हो रहा मुकदमा
गोलाबाजार (गोरखपुर)। केंद्र सरकार द्वारा सख्त कानून बनाए तीन तलाक का बनाए जाने के बाद भी गोला थाना क्षेत्र में पुलिस की संवेदनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां प्रतिबंधित तीन तलाक की शिकार महिला बीते चार दिनों से अपने तीन छोटे बच्चों के साथ थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
प्राप्त विवरण के अनुसरणपीड़िता नीलोफर खान पत्नी अफजल खान, निवासी कोहड़ी बुजुर्ग थाना गोला ने थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका निकाह 17 दिसंबर 2012 को मुस्लिम रीति-रिवाज से अफजल खान पुत्र स्व. अब्दुल समद खान के साथ हुआ था। दांपत्य जीवन से उसके तीन बच्चे हैं 13 वर्षीय हस्सान खान, 11 वर्षीय अलीना खान तथा 3 वर्षीय आयजल खान। नीलोफर का आरोप है कि उसके पति का संबंध रिश्ते में मामा की लड़की बताई जा रही विधवा महिला रूमाना शेख से हो गया, जिसके बाद पति ने उसके साथ क्रूरता शुरू कर दी। आरोप है कि पति ने गर्भ में पल रहे बच्चों को जबरन दवा खिलाकर नष्ट करा दिया, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
पीड़िता के अनुसार, बीते 15 जनवरी को पति ने मौखिक रूप से तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कहकर प्रतिबंधित तीन तलाक दे दिया और उसे बच्चों समेत घर से बाहर निकाल दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी देते हुए घसीटकर घर से बाहर कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि वह अब अपने तीन मासूम बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर है। पिता के न होने के कारण मायके में भी कोई सहारा नहीं है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इतने गंभीर आरोपों अवैध तीन तलाक, भ्रूण हत्या, मारपीट और जान से मारने की धमकी के बावजूद पुलिस ने अब तक मामला दर्ज नहीं किया है। महिला का आरोप है कि वह पिछले चार दिनों से गोला थाने के चक्कर लगा रही है, लेकिन केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। यह स्थिति तीन तलाक कानून के क्रियान्वयन और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े करती है।
