गोरखपुर
टूटी सड़कों की मरम्मत न कराने वाली कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
गोरखपुर। जिले में संचालित केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए रविवार को एनेक्सी सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बांसगांव सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने की। बैठक में जिले में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सड़कों के समय से पहले क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर सांसद कमलेश पासवान ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई सड़क निर्माण के पांच वर्ष के भीतर ही टूट जाती है तो उसकी मरम्मत संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा ही कराई जानी चाहिए।
सांसद ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई संस्था पांच वर्ष की अवधि के भीतर खराब हुई सड़क की मरम्मत कराने में लापरवाही बरतती है तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
बैठक में सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और गांवों को बेहतर सड़क, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जनता से मिलने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जिन पात्र परिवारों को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें चिन्हित कर शीघ्र लाभान्वित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आवास निर्माण की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत गांवों में घर-घर नल से जल पहुंचाने की योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सांसद ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस योजना को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी तक योजना का कार्य अधूरा है, वहां तेजी से काम कराते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का गंभीरता से पालन कराया जाएगा।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी बैठक में नगर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और विकास कार्यों पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने शहर में सड़कों की गुणवत्ता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में विधायक सरवन निषाद, विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक डॉ. महेंद्र पाल सिंह और विधायक प्रदीप शुक्ला ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर सुझाव दिए। जनप्रतिनिधियों ने कई स्थानों पर सड़क, पेयजल और अन्य योजनाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी देते हुए उनके समाधान की मांग की।
सांसद कमलेश पासवान ने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब आम जनता को उसका वास्तविक लाभ मिले।
बैठक के अंत में सांसद ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक सरवन निषाद, विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक डॉ. महेंद्र पाल सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में जिले के विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
