गाजीपुर
झोलाछाप इलाज का अड्डा बना रुद्रांश हॉस्पिटल, बेड के नीचे सोते मिले मरीजों के परिजन
डीएम और सीएम पोर्टल तक पहुंची शिकायत, अब कार्रवाई पर टिकी सबकी नजर
कासिमाबाद (गाजीपुर) जयदेश। जनपद के कासिमाबाद ब्लॉक के विभिन्न हॉस्पिटलों का मंगलवार को निरीक्षण किया गया, जिस दौरान रुद्रांश हॉस्पिटल बहादुरगंज गाज़ीपुर पर एडिशनल सीएमओ डॉक्टर रामकुमार और कासिमाबाद अधीक्षक डॉक्टर एन.के. सिंह की संयुक्त टीम पहुंची तो उक्त हॉस्पिटल का नज़ारा देखकर सब लोग सन्न रह गए।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल का न तो रजिस्ट्रेशन था, न ही मेडिकल बायो वेस्ट था। इतना ही नहीं, फायर का सिलेंडर भी एक्सपायरी डेट का मिला। इसके बाद जब स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम हॉस्पिटल के अंदर प्रवेश की तो अस्पताल में दर्जनों लोगों का ऑपरेशन कर बेड पर सुलाया गया था और इतना ही नहीं, बेड के नीचे मरीज के परिजन सोए थे। जिसमें बलिया की रहने वाली बबीता शर्मा का बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था, बद्दूपुर की रहने वाली रेखा देवी का सिजेरियन से बच्चा पैदा हुआ था। इमामुद्दीन के रहने वाले केशव, जिनका हाइड्रोसील का ऑपरेशन हुआ था।

इसके अलावा, डीहवा के रहने वाले हरेंद्र का हर्निया का ऑपरेशन हुआ था, पुरानीगंज की रहने वाली सविता देवी का बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था, सेमऊर की रहने वाली सुमन का पथरी का ऑपरेशन हुआ था, चक फातिमा की रहने वाली देवंती देवी का पथरी का ऑपरेशन हुआ था। मुन्नी देवी, कलवरा कासिमाबाद की रहने वाली मुन्नी देवी का डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ था, वहीं सीधउत्त की रहने वाली गीता देवी का पथरी का ऑपरेशन हुआ था।

इसी प्रकार कई अन्य मरीज उक्त अस्पताल में बेड पर लेटे थे। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम उक्त हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण करने पहुंची तो वहां का सीन देखकर सब लोग दंग रह गए। ओ.टी. की स्थिति बद से बदतर थी। ऑपरेशन थिएटर बदबूदार था। इतना ही नहीं, ओपीडी में कम से कम दो दर्जन से अधिक मरीज मौजूद थे।
जिंदगी और मौत से खेल रहे ऐसे नीम-हकीम और झोलाछाप डॉक्टरों पर अब देखना है कि विभाग मेहरबान होता है या ले-देकर मामला समाप्त कर देता है। लेकिन इस अस्पताल की शिकायत जिला अधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल के संज्ञान में है।
