पूर्वांचल
जौनपुर के सात मछुआरे पाकिस्तान की जेल में है बंद, स्वतंत्रता दिवस पर भी नहीं हो सके स्वतंत्र
यूपी के जौनपुर जिले के मछली शहर क्षेत्र से साथ ऐसे मछुआरे लगभग 2 साल 6 महीने से पाकिस्तान के जेल में बंद है और वह स्वतंत्र नहीं हो सके हैं। ये मछुआरे गुजरात के अरब सागर में मछली पकड़ने के दौरान गलती से पाकिस्तान की सीमा में घुस गए थे। तभी से वहां की जेल में हैं। इनके परिवार की माली हालत खराब है। जैसे-तैसे परिवार जीविकोपार्जन कर रहा है। कई बार जिले के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन सुनवाई होती नहीं दिख रही है।
जानकारी के अनुसार, मछलीशहर के सात मछुआरे गुजरात में रोजी रोटी के सिलसिले में समुद्र में मछली पकड़ने के काम में लगे थे। 8 फरवरी 2022 को मछली पकड़ने के दौरान ही नाव जानकारी के अभाव में गलती से पाकिस्तान की सीमा में घुस गई। पाकिस्तानी सेना ने सातों मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया। तब से लेकर अब तक इस घटना को 2 साल 6 महीने हो गए हैं लेकिन यह साथ मछुआरे पाकिस्तान की जेल से अभी तक आजाद नहीं हो सके हैं।
मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के बसिरहा गांव निवासी विनोद कुमार की पत्नी हीरावती का रो-रोकर बुरा हाल है। दौड़ते-दौड़ते थक गए हैं लेकिन कोई सुनता नहीं। हीरावती के दो बच्चे रंजीत (14) आठवीं और अमित (7) तीसरी में पढ़ता है। वह किसी तरह से घर चला कर जीवन यापन कर रही है। कुछ ऐसा ही हाल गांव के घुरहू बिंद की पत्नी पार्वती का है। पार्वती ने भी रो कर दुख बयां किया। पति की वापसी की गुहार लगाई। उसके छह बच्चे हैं जिसमें चार लड़कियां शकुंतला, सीता व अवतारी की शादी हो चुकी है। संतोषी (18) और दो बेटे धीरज (19), नीरज ( 10) की परवरिश करना दूभर हो रहा है।
इसी तरह का हाल अन्य पांचों के घर का है। बगल के गांव नंदापुर निवासी लालमणि बिंद, सुरेश कुमार बिंद गुड्डू, चौबेपुर घघरिया गांव के राजनाथ बिंद, सुरेश के रिश्तेदार मीरगंज थाना क्षेत्र के घाटमपुर निवासी मुलायम एवं धीरज बिंद के घर का भी देखने को मिला। सभी झोपड़ी बना कर किसी तरह से रह कर जीवन यापन कर रहे। सभी अपने घर के अकेले कमाने वाले थे और दो साल से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं।
अभी तक इस मामले में जिला प्रशासन ने भी कोई तत्परता नहीं दिखाई है। यदि जिला प्रशासन चाहे तो मुख्यमंत्री के माध्यम से जौनपुर के मछुआरे पाकिस्तान की जेल से आजाद हो सकते हैं। जिला प्रशासन का दायित्व है कि वह इस घटना को मुख्यमंत्री से लेकर गृह मंत्रालय को अवगत कराये और मामले में तेजी दिखाएं।
