गोरखपुर
चर्चित डॉक्टर पर फिर अभद्रता का आरोप
मरीज से अपमानजनक व्यवहार का वीडियो वायरल
20 हजार की दवा लिखी, असर न होने पर लौटाने पर हुआ विवाद
गोरखपुर। शहर के चर्चित और अक्सर विवादों में रहने वाले चिकित्सक डॉ. अनुज सरकारी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन पर एक मरीज से अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार का गंभीर आरोप लगा है। मरीज ने बताया कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर दो महीने की दवा लिखी, जिसकी कीमत लगभग 20 हजार रुपये थी। मरीज के अनुसार, जब दवा का कोई असर नहीं हुआ तो उसने एक माह की बची हुई दवा वापस करने की कोशिश की।
मरीज का कहना है कि जब वह दवा काउंटर पर गया तो स्टाफ ने कहा – “पहले डॉक्टर से लिखवाकर लाओ, तभी दवा वापस होगी।” इसके बाद मरीज डॉक्टर से मिलने गया, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने उससे न सिर्फ बदतमीजी की, बल्कि उसे कमरे से अपमानित कर बाहर निकाल दिया। यह घटना अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल है।

बताया जा रहा है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब डॉक्टर विवादों में आए हों। इससे पहले 2 अक्तूबर 2024 को पुलिस विभाग में तैनात सिपाही पंकज कुमार अपनी पत्नी का इलाज कराने डॉक्टर के पास पहुंचे थे। अगले दिन यानी 3 अक्तूबर को जब सिपाही ने दवा और इलाज को लेकर सवाल किया, तो विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप है डॉक्टर और उनके स्टाफ ने सिपाही की जमकर पिटाई कर दी थी। घटना के बाद घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
स्थानीय नागरिकों, मरीजों और अधिवक्ताओं ने डॉक्टर के व्यवहार की निंदा की है। उनका कहना है कि डॉक्टर, जिन्हें समाज में भगवान का दर्जा दिया गया है, अगर वे ही मरीजों से इस तरह का व्यवहार करेंगे तो लोगों का भरोसा टूट जाएगा। कई अधिवक्ताओं ने पहले भी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उनके रसूख और दबदबे के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाता तो मरीजों का शोषण और भय का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। पीड़ितों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि डॉ. अनुज सरकारी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई मरीज सम्मान और अधिकार से वंचित न हो।
घटना से जुड़ा वीडियो फेसबुक पर वायरल है, जिसे देखकर आमजन में रोष व्याप्त है। लोग सोशल मीडिया पर डॉक्टर के व्यवहार की निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
