चन्दौली
चंद्रप्रभा बांध भूमि अधिग्रहण मामले में जिलाधिकारी ने दिये जांच के निर्देश
चंदौली। नौगढ़ तहसील के सभागार में गुरुवार को चंद्रप्रभा बांध से जुड़े भूमि अधिग्रहण के 1971 के पुराने मामले पर जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने सुनवाई की। इस दौरान बड़उर गांव की जमीन से संबंधित किसानों की शिकायतें सामने आईं। किसानों ने आरोप लगाया कि 1954 में चंद्रप्रभा बांध के निर्माण के दौरान उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया, लेकिन 65 वर्षों के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला।
अधिशासी अभियंता सर्वेश चंद्र सिन्हा ने बताया कि किसानों का कहना है कि जमीन का अधिग्रहण तो हुआ लेकिन मुआवजे का भुगतान आज तक नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान 95 वर्षीय बुजुर्ग रामाज्ञा लाठी के सहारे जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे और अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि बांध निर्माण के समय उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन मुआवजे की राशि अब तक नहीं मिली।
इसके अलावा बड़उर के लालमनी ने बताया कि उनके पिता ने साढ़े सात बीघा जमीन सिंचाई विभाग को दी थी। मुआवजे की राशि उनके दादा रघुनंदन ने लौटा दी थी, लेकिन जमीन अब भी अधिग्रहित है। लालमनी ने कहा कि वे वर्षों से कोर्ट और कचहरी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न्याय नहीं मिल सका।
जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने रामाज्ञा का बयान सुनने के बाद मामले की गहराई से जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “ऐसे पुराने और ऐतिहासिक मामलों में जल्द से जल्द न्याय होना चाहिए।”
सुनवाई के दौरान उप डीएफओ दिलीप कुमार श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर, तहसीलदार सतीश कुमार, सहायक अभियंता इंद्रमणि पाल, वन क्षेत्राधिकारी संजय श्रीवास्तव और अधिवक्ता कृष्णानंद मौर्य सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
