गाजीपुर
गांव में बढ़ती शराबखोरी से नाराज महिलाएं, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

गहमर (गाजीपुर)। जिले के गहमर थाना अंतर्गत हरकरनपुर गांव में अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने के विरोध में महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बारा न्याय पंचायत के इस गांव की महिलाओं ने देसी शराब की भट्टी के पास एकत्र होकर अपनी नाराजगी जाहिर की। विरोध कर रहीं महिलाओं का कहना है कि पहले से ही गांव में देसी शराब की भट्टी मौजूद है, जिससे कई तरह की सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अब अंग्रेजी शराब की दुकान खुलने से स्थिति और भी खराब हो जाएगी।
पिछले दस दिनों से जारी है विरोध
महिलाओं ने बताया कि वे पिछले दस दिनों से लगातार प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रही हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जब प्रशासन द्वारा शराब की दुकान खोलने की तैयारी की खबर मिली, तो महिलाओं ने एकजुट होकर धरना देने का निर्णय लिया। महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकानों के चलते गांव का माहौल खराब होता जा रहा है। शराब के नशे में धुत्त लोग अक्सर महिलाओं और बच्चियों से बदसलूकी करते हैं, जिससे महिलाओं का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।

बीसी सखी व महिला समूहों की मुखर भागीदारी
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं में बीसी सखी और विभिन्न महिला समूहों की सदस्य भी शामिल थीं। उन्होंने आबकारी विभाग की अधिकारी सीमा मौर्या को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि गांव में पहले से ही शराब की भट्टी के कारण लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। अगर अंग्रेजी शराब की दुकान खोली गई, तो यह समस्या और बढ़ जाएगी। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि इस दुकान को तुरंत बंद किया जाए और गांव को शराब मुक्त बनाया जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया आश्वासन
महिलाओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कोतवाली प्रभारी अशेष नाथ सिंह, नायब तहसीलदार पंकज कुमार और चौकी प्रभारी विवेक कुमार पाठक सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया।

आबकारी विभाग की अधिकारी सीमा मौर्या ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाएगा। हालांकि, महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी कीमत पर शराब की दुकान का संचालन नहीं होने देंगी।
रात तक जारी रहा धरना, बढ़ती गई भीड़
समाचार लिखे जाने तक धरने पर बैठी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी। महिलाओं ने यह संकल्प लिया कि जब तक प्रशासन उनकी मांग नहीं मानता, तब तक वे प्रदर्शन जारी रखेंगी। गांव में इस मुद्दे को लेकर भारी तनाव बना हुआ है, और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।