गाजीपुर
गंगा किन्नर हत्याकांड: नाबालिग की कॉल रिकॉर्डिंग ने खोला राज
गाजीपुर (नंदगंज)। बरहपुर निवासी हर्ष उपाध्याय उर्फ गंगा किन्नर की सुनियोजित हत्या में बाल अपचारी की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बाल अपचारी ने हत्या से पहले और बाद में आरोपियों को आने और भागने में मदद की। साथ ही, भागने के लिए वाहन की व्यवस्था और संदेशों के आदान-प्रदान का जिम्मा भी उसी पर था।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सत्यम का यह नाबालिग साथी उसकी योजनाओं में शामिल था और हत्या में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि रानी किन्नर, गंगा किन्नर के दबंगई भरे रवैये और उसकी वसूली से तंग आकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच रही थी। इसके लिए उसने सत्यम को अपने पक्ष में करने के लिए हर महीने हजारों रुपये खर्च किए।
मोबाइल रिकॉर्ड्स से खुली साजिश
पुलिस ने सर्विलांस के जरिए रानी किन्नर और सत्यम के बीच 7 से 27 दिसंबर के बीच हुई कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले। इनसे पता चला कि रानी किन्नर और बिट्टू किन्नर ने गंगा किन्नर को रास्ते से हटाने के लिए मिलकर योजना बनाई थी। घटना से 20-21 दिन पहले रानी ने सत्यम से गांव के सीवान में मुलाकात की थी।
पुलिस ने जब रानी किन्नर से पूछताछ की, तो हत्या का मकसद और योजना सामने आ गई। वॉयस रिकॉर्ड में सत्यम रानी किन्नर से कहता है, “हम किसी छक्का से नहीं डरते, बस हमारी जमानत की व्यवस्था तुम्हें करनी होगी।”
पांच गिरफ्तार, अन्य आरोपी पुलिस की रडार पर
पुलिस ने हाल ही में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें रानी किन्नर, सत्यम राम, अजय राम, मिथिलेश यादव और एक बाल अपचारी शामिल हैं। बाल अपचारी को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस अब हत्या में शामिल अन्य आरोपियों, बिट्टू किन्नर और उसके सहयोगियों की तलाश कर रही है। थानाध्यक्ष कमलेश कुमार का कहना है, “गंगा किन्नर हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।”
29 दिसंबर को गंगा किन्नर, चालक आशीष के साथ नंदगंज बाजार में कपड़े खरीदने गया था। इसी दौरान बदमाशों ने उसे गोली मार दी और गली से होते हुए रेलवे स्टेशन की ओर भाग गए। पुलिस की स्वाट और सर्विलांस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
