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वाराणसी

काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्रसंघ महामंत्री को मिली अग्रिम जमानत

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वाराणसी। छात्रसंघ चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच व सत्यापन के विरोध को लेकर धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस टीम पर हमले के मामले में आरोपित विद्यापीठ के पूर्व महामंत्री को कोर्ट से राहत मिल गयी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट द्वितीय) अनुभव द्विवेदी की अदालत ने आरोपित पूर्व महामंत्री अनिल यादव को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव व अजय पाल ने पक्ष रखा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार तत्कालीन थाना प्रभारी सिगरा आशुतोष ओझा 20 नवंबर 2019 को पुलिस टीम के साथ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी छात्रसंघ चुनाव वर्ष 2019-2020 के नामांकन तथा मूल प्रमाण पत्र सत्यापन हेतु जमा किये जाने के संबंध में शांति व्यवस्था ड्यूटी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मौजूद थे। इस बीच लगभग 13.30 बजे दिन में छात्रों का एक गुट छात्र नेता अनिल यादव सहित अन्य छात्रों के साथ भारत माता मंदिर के सामने कट पर पहुंचकर नारेबाजी, हुटिंग व गाली गलौज करने लगे। इस पर दूसरे छात्र नेता सौरभ सिंह के समर्थक भी सड़क पर आ गये और नारेबाजी, हूटिंग व गाली गलौज करने लगे। यह देख सिगरा थाना प्रभारी पुलिस टीम व घंटी मिल तिराहे पर मौजूद प्रभारी निरीक्षक मण्डुवाडीह राहुल शुक्ला एवं पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंच कर छात्रों के दोनों पक्षों को समझाते हुए हटाने बढ़ाने लगे। जिसके बाद दोनों गुटों के सभी छात्रों द्वारा एक-दूसरे के साथ ही पुलिस टीम पर भी ईंट-पत्थरों से प्रहार किया जाने लगा। पथराव में सिगरा थाना प्रभारी के दाहिने पैर में चोट लग गयी और खून बहने लगा। वहीं छात्रों के कृत्य से मौके व आसपास अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आसपास के दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों के शटर बंद कर लिये सडक पर आवागमन पूर्ण रूप से बाधित हो गया। इस मामले में पुलिस छात्र नेता अनिल यादव समेत कई छात्रों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

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