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वाराणसी

कांग्रेस के एआई वीडियो विवाद पर निर्वाचन आयोग ने लिया संज्ञान, शशांक शेखर त्रिपाठी की शिकायत पर कार्रवाई शुरू

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वाराणसी। भाजपा विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक एवं अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी की शिकायत पर भारतीय निर्वाचन आयोग ने गंभीर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला बिहार कांग्रेस के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता हीराबेन मोदी पर अपमानजनक एआई जनित वीडियो पोस्ट किए जाने से जुड़ा है।

जानकारी के अनुसार, 10 सितंबर 2025 को बिहार कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल @BiharCongress से “साहब के सपनों में आई मां” शीर्षक वाला 36 सेकंड का वीडियो जारी किया। वीडियो में एआई तकनीक का दुरुपयोग कर प्रधानमंत्री की माताजी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। 

कांग्रेस ने इसे व्यंग्यात्मक बताया है, लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि यह न सिर्फ प्रधानमंत्री और उनकी मां का अपमान है बल्कि भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है। कई वरिष्ठ नेताओं ने इसकी कड़ी निंदा की है।

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शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि इस वीडियो के निर्माण, पोस्टिंग और प्रसार के पीछे की साजिश की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि बिहार कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो को तत्काल हटाया जाए और इसमें संलिप्त लोगों पर भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66D तथा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग को एआई आधारित फर्जी वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने के स्पष्ट दिशानिर्देश और साइबर सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

निर्वाचन आयोग ने शिकायत संख्या NGS24N130925658250 के तहत मामला दर्ज कर इसे संबंधित अधिकारियों को जांच हेतु भेज दिया है। शिकायत की स्थिति https://voters.eci.gov.in/ngsp/complaint_status लिंक से देखी जा सकती है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सहमति किसी की छवि बिगाड़ना गंभीर अपराध है और इसके लिए कानून में कठोर दंड का प्रावधान है।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि यह मामला लोकतंत्र और भारतीय संस्कृति पर सीधा प्रहार है। निर्वाचन आयोग ने गंभीरता से इसे संज्ञान में लिया है और उम्मीद है कि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

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