गोरखपुर
एनपीटीईएल में एमएमएमयूटी के 65 बीटेक तृतीय वर्ष छात्रों ने बनाया रिकॉर्ड, टॉप कैटेगरी में दर्ज की मौजूदगी
कुमारी निशा और हर्षिता राव ने अपने-अपने कोर्स में देश में सर्वोच्च स्थान हासिल कर रचा इतिहास
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के छात्रों ने आईआईटी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय परीक्षा एनपीटीईएल (नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग) में शानदार सफलता दर्ज की है। विश्वविद्यालय के कुल 919 छात्रों ने विभिन्न श्रेणियों में सफलता हासिल करते हुए प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।
विभागीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सिविल इंजीनियरिंग विभाग का रहा। सिविल इंजीनियरिंग विभाग की एक छात्रा ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं देश के शीर्ष 1% में 17 छात्र, देश के शीर्ष 2% श्रेणी में 19 छात्र और देश के शीर्ष 5% श्रेणी में 24 छात्र शामिल रहे। इसके अलावा विश्वविद्यालय के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के 10 छात्रों और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के 14 छात्रों ने भी देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
बीटेक तृतीय वर्ष के सर्वाधिक 65 छात्रों ने देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जिनमें देश के शीर्ष 1% में 17 छात्र, देश के शीर्ष 2% में 19 छात्र तथा शीर्ष 5% में 29 छात्र शामिल हैं। विश्वविद्यालय की दो छात्राओं ने अपने-अपने पाठ्यक्रम में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। कुमारी निशा (मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, 2021 पासआउट बैच) ने कोर्स “Moral Thinking: An Introduction to Values and Ethics” (नैतिक चिंतन: मूल्यों और नैतिकता का परिचय) में टॉप किया, जबकि हर्षिता राव (सिविल इंजीनियरिंग विभाग, फाइनल ईयर) ने कोर्स “Geosynthetics and Reinforced Soil Structures” (जियोसिंथेटिक्स एवं प्रबलित मिट्टी संरचनाएं) में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
एनपीटीईएल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विश्वविद्यालय के छात्रों को विभिन्न श्रेणियों में प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। 13 छात्रों को Elite + Gold प्रमाणपत्र (90% से अधिक अंक) मिला, 149 छात्रों को Elite + Silver प्रमाणपत्र (75% से 90% के बीच अंक) प्रदान किया गया, 510 छात्रों को Elite प्रमाणपत्र (60% से 74.99% के बीच अंक) मिला और 247 छात्रों को Successfully Completed प्रमाणपत्र (40% से 59.99% के बीच अंक) प्राप्त हुआ।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के विभिन्न शिक्षकों और विभागाध्यक्षों ने छात्रों को बधाई दी। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “ये परिणाम हमारे छात्रों की क्षमता और हमारी शिक्षा की गुणवत्ता का प्रमाण हैं।”
