अपराध
इंडिया के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर ‘अर्श डाला’ को कनाडा पुलिस ने किया गिरफ्तार
लॉरेंस गैंग मानता है अर्श डाला को दुश्मन
नई दिल्ली। कनाडा में कुख्यात गैंगस्टर अर्शदीप सिंह गिल उर्फ ‘अर्श डाला’ की गिरफ्तारी की खबर ने हलचल मचा दी है। भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अर्श डाला को एक गोलीबारी की घटना के बाद हिरासत में लिया गया। हालांकि, कनाडाई पुलिस ने अभी तक इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस गिरफ्तारी का इंतजार भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और पंजाब पुलिस को लंबे समय से था, जो डाला को कई संगीन मामलों में वांछित मानती हैं।
कौन है अर्श डाला ?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुताबिक, 27 वर्षीय अर्शदीप सिंह गिल को 2023 में ‘आतंकवादी’ घोषित किया गया था। पंजाब के मोगा जिले से आने वाले डाला ने 2018 में कनाडा में शरण ली और वहाँ खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर के संपर्क में आया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डाला का नाम खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और भारत में आपराधिक मामलों में प्रमुखता से लिया जाता रहा है।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई एक गोलीबारी की घटना के बाद दो लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे। स्थानीय पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उनकी पहचान गुप्त रखी। मीडिया में दावा किया जा रहा है कि इनमें से एक अर्श डाला है।
डाला के खिलाफ आरोप
NIA और पंजाब पुलिस ने अर्श डाला के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी के अनुसार, डाला ने अपने साथियों के साथ मिलकर व्यापारियों से वसूली की और पंजाब में टारगेट किलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। हाल ही में, NIA ने डाला के खिलाफ एक आरोप पत्र भी दाखिल किया, जिसमें यह भी कहा गया कि उसने निज्जर के साथ मिलकर धन उगाही की और इसका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया।
कनाडा में डाला की गतिविधियाँ
कनाडा में डाला ने खालिस्तान टाइगर फोर्स के तहत सक्रिय रहते हुए भारतीय मूल के कई व्यवसायियों से वसूली की धमकियाँ दीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अक्सर गुरुद्वारों में देखा जाता था और प्लंबर का काम करता था। इसके अलावा, उसने अपनी पत्नी के माध्यम से वेस्टर्न यूनियन जैसी सेवाओं का इस्तेमाल कर अपने आपराधिक नेटवर्क को फंड ट्रांसफर किया।
लॉरेंस गैंग मानता है अर्श डाला को दुश्मन
अर्श डाला आतंकी हरदीप सिंह निज्जर का बेहद करीबी था और उसके साथ मिलकर अर्श डाला ने अपने स्लीपर सेल के नेटवर्क के जरिए पंजाब में कई टारगेट किलिंग की वारदातों को अंजाम दिया। गौर करने वाली बात ये है कि अर्श डाला और लॉरेंस गैंग एक दूसरे के विरोधी है और कनाडा में दोनों के बीच गैंगवार की भी घटनाएं हो चुकी हैं।
भारत-कनाडा के रिश्तों पर असर
अर्श डाला की गिरफ्तारी की खबर भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव का कारण बन सकती है। इससे पहले, 2018 में भारत के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को खालिस्तानी आतंकवादियों की सूची सौंपी थी, जिसमें अर्श डाला का नाम भी शामिल था।
