चन्दौली
अस्पताल में महिला की मौत के बाद बवाल, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
चंदौली के जिला अस्पताल में मंगलवार को एक मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। लोगों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक की लापरवाही के चलते उनके मरीज की दर्दनाक मौत हो गई है। कहा कि एक सप्ताह पहले रागिनी तिवारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन भर्ती करने के बाद चिकित्सक देखने नहीं आए, जिसके चलते आग से झुलसी हुई महिला की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीएमएस डॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कारवाई किया जाएगा।
आपको बता दे की सदर कोतवाली क्षेत्र के डेवढील गांव निवासी शिवानंद तिवारी की पत्नी रागिनी तिवारी(30) गंभीर रूप से झुलस गई थी। विगत 19 जनवरी को रागिनी तिवारी को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि जांच के दौरान चिकित्सक के द्वारा झुलसी हुई महिला को ब्लड चढ़ाने की डिमांड की गई थी। इसके बाद ब्लड का इंतजाम किया गया। लेकिन एक यूनिट ब्लड पूरा नहीं चढ़ पाया और चिकित्सक मौके से गायब हो गए।

लोगों ने बताया कि चार दिनों तक कोई भी चिकित्सा झुलसी हुई महिला को देखने नहीं आया। जिसके चलते मंगलवार को महिला तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। हालांकि सूचना के बाद पहुंची सदर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि मरीज के परिजनों ने पहले निजी अस्पताल में महिला को भर्ती कराया था। इसके बाद 19 जनवरी गंभीर हालत में मरीज को जिला अस्पताल में ले आए। जहां चिकित्सकों ने महिला के 75 प्रतिशत से अधिक जल जाने की पुष्टि की थी। लेकिन मरीज के परिजनों की स्वीकृति मिलने के बाद चिकित्सा के द्वारा उपचार चालू किया गया। हालांकि महिला की मौत के मामले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कारवाई किया जाएगा।
