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शिक्षा

अपार आईडी अभियान में वाराणसी पीछे, दो लाख से अधिक छात्र अब भी वंचित

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एक आईडी से रुकेगी दो स्कूलों में दाखिले की गड़बड़ी

वाराणसी। स्कूलों में शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है, लेकिन वाराणसी में अब भी बड़ी संख्या में बच्चे इससे वंचित हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में करीब 42 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की अपार आईडी अब तक नहीं बन सकी है। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 2.87 लाख बच्चों की अपार आईडी तैयार नहीं हो पाई है।

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने वाराणसी सहित सभी बीएसए और डीआईओएस को पत्र भेजकर जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, वाराणसी में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में कुल लगभग 6.78 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें से करीब 1.78 लाख छात्र बेसिक शिक्षा से और लगभग 5 लाख छात्र माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हैं। इनकी तुलना में 2.87 लाख बच्चे अभी भी अपार (APAAR) आईडी से वंचित हैं।

नई शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक जानकारी को यू-डाइस पोर्टल पर पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत हर छात्र को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसमें उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी दर्ज रहेगी। इसमें नामांकन, अंक, पुरस्कार और अन्य रिकॉर्ड शामिल होंगे। पहले कई मामलों में एक ही छात्र द्वारा दो विद्यालयों में प्रवेश लेने की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अपार आईडी लागू होने के बाद ऐसी संभावनाओं पर रोक लगेगी।

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अपार आईडी बनने से जहां विद्यालयों को छात्रों के डेटा के प्रबंधन में सुविधा मिलेगी, वहीं विद्यार्थियों को भी अपने सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। इससे भविष्य में पढ़ाई, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाएं भी आसान होंगी।

इस संबंध में वाराणसी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि अपार आईडी बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है और शीघ्र ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि शेष बच्चों की आईडी जल्द से जल्द तैयार कराई जा सके।

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