वाराणसी
अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की एक यूनिट बंद, मीडिया से बातचीत करते हुए महंत ने बताई वजह
वाराणसी। काशी में स्थित अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की बांसफाटक शाखा में शनिवार को ईंधन की कमी के कारण भोजन निर्माण का कार्य बंद करना पड़ा। लंबे समय बाद ऐसा अवसर आया है जब अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र में भक्तों के लिए प्रसाद स्वरूप भोजन बनना रुक गया है। गैस संकट की आंच अब आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल तक पहुंच गई है, जिससे कई श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
इस संबंध में मंदिर के महंत शंकर पूरी ने बताया कि इस समय अन्नक्षेत्र के सामने गैस का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पहले गैस एजेंसी की ओर से एक-दो सिलेंडर मिल जा रहे थे, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से वह भी मिलना बंद हो गया है। शनिवार सुबह से अन्नक्षेत्र की एक यूनिट पूरी तरह बंद हो गई है।
उन्होंने बताया कि कुछ समय तक बची हुई गैस, मिट्टी के तेल और अन्य सीमित व्यवस्थाओं से भोजन बनाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद दिया जा रहा था। शनिवार सुबह लगभग दो से तीन हजार लोगों को भोजन कराया गया, लेकिन अब स्थिति यह है कि एक यूनिट बंद हो चुकी है और दूसरी भी बंद होने की कगार पर है।

महंत के अनुसार अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की ओर से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 हजार लोगों को प्रसाद दिया जाता था, लेकिन वर्तमान संकट के कारण मात्र तीन से चार हजार लोगों के लिए ही भोजन की व्यवस्था हो पा रही है। यदि जल्द गैस सिलेंडर नहीं मिले तो आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को प्रसाद देना भी कठिन हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि गैस चूल्हों की व्यवस्था नहीं हो पाती है तो वैकल्पिक रूप से डीजल, कोयले या लकड़ी की भट्ठियों पर भोजन बनाने का प्रयास किया जाएगा। महंत के अनुसार जब से अन्नपूर्णा की रसोई चल रही है तब से अब तक ऐसा संकट कभी नहीं आया। यहां तक कि कोरोना काल में भी रसोई बंद नहीं हुई थी, लेकिन पहली बार ऐसी स्थिति आई है कि एक यूनिट बंद हो गई है और दूसरी भी संकट में है।
मां अन्नपूर्णेश्वरी के दरबार में आने वाले प्रत्येक भक्त को यहां नियमित रूप से भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया जाता रहा है। इसी कारण काशी में इसे शहर की पहली रसोई के रूप में भी माना जाता है। गैस सिलेंडर समाप्त हो जाने के कारण जब अन्नपूर्णा रसोई पर ताला लगा तो कई श्रद्धालु बिना प्रसाद लिए ही लौटने को विवश हो गए।
अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की ओर से काशी में प्रतिदिन हजारों लोगों को निश्शुल्क भोजन कराया जाता है। इसके लिए दो स्थानों पर अन्नक्षेत्र संचालित होता है—एक कालिका गली में अन्नपूर्णा मंदिर के पास और दूसरा बांसफाटक में है।
