अपराध
अनुराग यादव हत्याकांड : यूपी पुलिस का दरोगा गिरफ्तार
जौनपुर। ताइक्वांडो खिलाड़ी अनुराग यादव की हत्या के मामले में यूपी पुलिस ने दरोगा राजेश यादव को गिरफ्तार किया है। राजेश, मुख्य आरोपी रमेश यादव का बड़ा भाई है, और इस हत्या की साजिश में उसके परिवार के अन्य सदस्यों की भी संलिप्तता रही है।
पुलिस द्वारा की गई जांच में पाया गया कि राजेश ने हत्या के एक दिन पहले और बाद में अपने पिता और भाई से लगातार बातचीत की। आरोप है कि पिता और दो बेटों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। वर्तमान में राजेश यादव मेरठ जिले के मवाना थाने में एसआई के रूप में तैनात हैं। उसे थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी ने पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके बाद उसे उसके मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और मुकदमे में नाम आने के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
हत्या का खौफनाक मंजर
घटना कबीरुद्दीनपुर गांव की है, जो जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर स्थित है। बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे अनुराग यादव उर्फ छोटू जब ब्रश कर रहा था, तभी पड़ोसी रमेश यादव तलवार लेकर आया। रमेश ने अनुराग का पीछा किया और उसे घेरकर एक वार से उसकी गर्दन काट दी। इस हत्या से गांव में हड़कंप मच गया और अनुराग की मां आशा देवी बेटे का सिर अपने सीने से लगाए हुए विलाप करती रही, जबकि उसका धड़ सड़क पर पड़ा रहा।
पुलिस ने इस मामले में रमेश यादव, उसके पिता लालता यादव और अब दरोगा राजेश यादव सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अन्य आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
विवाद का जड़

अनुराग की बहन स्वाति यादव ने बताया, लालता का एक बेटा राजेश यादव दरोगा है। उसके बल पर ये लोग दबंगई करते हैं। उसका बेटा पढ़ा लिखा है। उसके बाद भी जाहिलों जैसी हरकत करता है। उसको समझना चाहिए कि जिस काम के लिए आपने वर्दी पहनी है, वह करे, न कि आप दरोगा हो तो सिर्फ अपने परिवार की सुनोगे।
आप इस गांव के दरोगा नहीं हो। यहां के दरोगा थाने में बैठे हैं, वो जो कहेंगे वो होगा। लोग पैसे पर मरते हैं। हमारे घर का बेटा दरोगा है, तो चाहे पूरा गांव रौंद दें। रमेश यादव के घर पर लालता यादव, लाल मोहन यादव, आदित्य, सूरज, राजकुमार, शशांक और आकाश रहते हैं। सबने मिलकर मेरे भाई को मार दिया।
