वाराणसी
अतिक्रमण और गंदगी करने वालों के खिलाफ नगर निगम सख्त, वसूला लाखों जुर्माना
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत वाराणसी नगर निगम ने शहर में गंदगी, अतिक्रमण और पॉलिथीन के उपयोग के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। पिछले सात महीनों में निगम ने इन मुद्दों पर जुर्माने के रूप में 10 लाख रुपये से अधिक की वसूली की है।
100 वार्ड, 22 लाख की आबादी
वाराणसी नगर निगम क्षेत्र में 100 वार्ड आते हैं, जहां लगभग 22 लाख की आबादी रहती है। सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी नगर निगम पर है। अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2024 तक निगम की प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई कर यह आंकड़ा जारी किया है।
पॉलिथीन उपयोग पर सबसे ज्यादा जुर्माना
नगर निगम ने बीते सात महीनों में पॉलिथीन के उपयोग को लेकर सख्ती दिखाते हुए 4 टन पॉलिथीन जब्त की और 5.29 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। हालांकि, इसके बावजूद पॉलिथीन का उपयोग जारी है। पॉलिथीन न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि यह आवारा पशुओं, विशेष रूप से गायों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
अतिक्रमण पर 4.20 लाख वसूले, गंदगी करने वालों से वसूले 61 हजार
अतिक्रमण की समस्या वाराणसी की गलियों और बाजारों में आम है। विरोध के बावजूद नगर निगम ने अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई कर 4.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों पर भी नगर निगम ने शिकंजा कसा है। बीते चार महीनों में 61 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
पॉलिथीन से हुई 11 लाख की कमाई
नगर निगम ने 19 महीनों में लगभग 10 टन पॉलिथीन जब्त कर इसे प्लास्टिक प्रबंधन कंपनियों को बेच दिया, जिससे 11.33 लाख रुपये की कमाई हुई। नगर निगम प्रतिदिन 25 मीट्रिक टन कचरा एकत्र कर करसड़ा प्लांट भेजता है, जहां इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होता है। इस प्लांट की क्षमता 300 मीट्रिक टन कचरा निस्तारण की है।
स्वच्छता अभियान की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2018 को असी घाट पर सफाई कर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। हालांकि, शहरवासियों की लापरवाही और अतिक्रमण के कारण अब भी वाराणसी को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए और प्रयासों की आवश्यकता है।
