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गोरखपुर

SIR : 2003 की सूची से लिंक न होने पर आयोग सख्त, नोटिस के बाद मतदाताओं ने दिए साक्ष्य

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खजनी (गोरखपुर)। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान गणना प्रपत्र का  2003 से लिंक उपलब्ध न होने के मामलों को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के निर्देश पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, ताकि सूची की शुद्धता बनी रहे और किसी भी अपात्र नाम को हटाया जा सके, वहीं पात्र मतदाताओं के अधिकार भी सुरक्षित रहें। इसी क्रम में खजनी तहसील में बुधवार को नोटिस प्राप्त करने वाली महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचीं और अपने-अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए।

पूरी कार्यवाही राजेश प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी खजनी, की अध्यक्षता में आयोजित की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र भरने के साथ 2003 से लिंक उपलब्ध नहीं कराया था और विवरण कालम खाली छोड़ दिया था, उनका नाम तो मतदाता सूची में आ गया किन्तु अब आयोग उन्हें नियमों के अनुसार नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दे  रहा है। उद्देश्य यह है कि कोई भी वास्तविक मतदाता तकनीकी त्रुटि के कारण मतदाता सूची से वंचित न हो।

खजनी तहसील परिसर में पहुंचीं महिलाओं और मतदाताओं ने अपना साक्ष्य व 2003 की मतदाता सूची का विवरण उपलब्ध कराया और अपना पक्ष रखा। महिलाओं ने बताया कि वे वर्षों से मतदाता हैं, किंतु लिंक न होने की वजह से नोटिस मिला, जिसका वे विधिवत समाधान कर रही हैं। सुनवाई के दौरान दस्तावेजों का मिलान कर प्राथमिक सत्यापन किया गया।
प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ और समयबद्ध बनाने के लिए खजनी क्षेत्र में 14 ERO/AERO/AdAERO तैनात किए गए हैं। उक्त अधिकारी आवेदनों की प्रारंभिक जांच, दस्तावेजों का संकलन और अभिलेखों का मिलान कर रहे है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक मामले का निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षण किया जाएगा।

एसडीएम खजनी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है। मतदाता सूची की शुद्धता के साथ-साथ नागरिकों के मताधिकार की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नोटिस प्राप्त मतदाताओं से अपील की कि वे निर्धारित तिथि पर सभी आवश्यक साक्ष्यों के साथ उपस्थित होकर प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मतदाता की सुविधा को ध्यान ने रखते हुए विधानसभा खजनी में कुल 4 नोटिस सुनवाई स्थल बनायें गए है – तहसील खजनी,कार्यालय खंड विकास अधिकारी बेलघाट, कार्यालय खंड विकास अधिकारी खजनी व कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी बेलघाट जिससे मतदाताओं को ज्यादा दूरी तय न करनी पड़े। एसडीएम राजेश प्रताप सिंह ने मतदाताओं से अपील है की है कि जिस भी मतदाता को नोटिस मिला है, वह नियत स्थल व समय पर नोटिस में उल्लिखित साक्ष्य के साथ अपना पक्ष रखे, अन्यथा उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।

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प्रशासन की इस सख्त और व्यवस्थित कार्रवाई से खजनी क्षेत्र में मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।

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