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Breaking: डीएम वाराणसी ने लगाया धारा-144, बतायी यह वजह

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वाराणसी। जनपद के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में आगामी दिनों में महात्मा गांधी जयन्ती, दशहरा, आदि का त्यौहार मनाया जायेगा। इसके अतिरिक्त उ.प्र. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ एवं लोक सेवा चयन आयोग प्रयागराज एवं संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली एवं विभिन्न अन्य प्रतियोगिता परीक्षा भी आयोजित होना सम्भावित है। उपरोक्त अवसरो पर विभिन्न धार्मिक/राजनैतिक संगठनों द्वारा अपने-अपने कार्यक्रम प्रस्तावित किये जा सकते है। इस अवसर पर कतिपय अराजक तत्वों द्वारा अपनी गतिविधियों से जन सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था प्रभावित किए जाने के प्रयास की सम्भावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

अतएव उक्त के दृष्टिगत जनपद वाराणसी के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने तथा उक्त अवसरों पर अराजक तत्वों द्वारा अपनी गतिवधियों के कारण शांति व्यवस्था प्रभावित किए जाने के प्रयासों पर नियंत्रण स्थापित किए जाने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था कायम रखवाये जाने के निमित्त जिला मजिस्ट्रेट/जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने आदेश अन्तर्गत धारा-144 दण्ड प्रक्रिया सहिता के अन्तर्गत निषेधाज्ञा पारित किया है।

जिला मजिस्ट्रेट/जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने अपने पारित आदेश में बताया है कि यह कि कोई भी व्यक्ति/भवन स्वामी अपने भवन में स्थायी/अस्थायी रूप से किरायेदार रखने से पूर्व उसकी लिखित सूचना सम्बन्धित मजिस्ट्रेट/थाना प्रभारी को लिखित रूप से प्राप्त करायेगा तथा सूचना सम्बन्धित मजिस्ट्रेट/थाना प्रभारी को लिखित सूचना प्राप्त कराने के उपरान्त अपने भवन में किरायेदार को प्रवेश प्रदान करेगा। मजिस्ट्रेट/थाना प्रभारी को प्राप्त कराने वाली सूचना में सम्बन्धित भवन स्वामी का पूर्ण विवरण यथा नाम/पिता का नाम/मकान नम्बर व व्यवसाय सहित पूर्ण पता एवं किरायेदारी आरम्भ होने की तिथि/किस तिथि तक के लिये किरायेदार रखा जा रहा है, आदि का वितरण अंकित करने के साथ ही किरायेदार का भी पूर्ण विवरण यथा नाम व पिता का नाम तथा पूरा पता, एवं व्यवसाय आदि का उल्लेख किया जाना आवश्यक होगा। यह कि कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार का आग्नेयास्त्र-बम-भाला-तलवार-भुजाली-लाठी-डंडा, चाकू लेकर नहीं चलेगा और न ही किसी ऐसे अस्त्र-शस्त्र लेकर चलेगा, जिसका की उपयोग आक्रमण के लिए किया जाय। अस्त्र-शस्त्र का सार्वजनिक रुप से प्रदर्शन भी प्रतिबन्धित किया जाता है। सिख एवं गोरखा जाति के लोगों, जो प्रथा के अनुसार मात्र खुखरी रखने के हकदार हैं, पर यह प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा।

शासकीय ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/ कर्मचारी जिनके लिए ड्यूटी पर शस्त्र रखना शासन द्वारा अनुमन्य है, पर मात्र शासकीय कार्य अवधि/ ड्यूटी तक के लिए ही यह प्रतिबन्ध शिथिलनीय होगा। यह कि कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक विद्वेश उत्पन्न करने वाला वक्तव्य न तो प्रसारित करेगा और न ही बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के धरना जुलूस आदि आयोजित होंगे। न ही समाज में तनाव उत्पन्न करने वाला कोई कृत्य किया जायेगा। किसी भी प्रकार के हैण्ड बिल/पर्चा, प्रकाशित नहीं करेगा और न हैण्ड बिल/पोस्टर/पर्चा दिवाल पर किसी भी स्थान पर चस्पा नहीं किये जायेंगे, और न ही जन-जीवन/शांति व्यवस्था प्रभावित करने के लिए इसका उपयोग करेगा। जुलूस-धरना आयोजन से पूर्व अधोहस्ताक्षरी अथवा सम्बन्धित मजिस्ट्रेट से शासनादेशानुसार अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा।

कोई भी व्यक्ति/व्यक्तियों का समूह सार्वजनिक स्थल पर मादक पदार्थ आदि का सेवन नहीं करेगा और न ही इसका प्रयोग कर विचरण करेगा तथा कोई भी ऐसा कार्य नही करेगा, जिससे किसी व्यक्ति धर्म या रागुदाय के विरूद्ध अथवा शान्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की सम्भावना हो। यह कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक जन-जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करेगा और न ही शांति व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करेगा। यह कि कोई भी व्यक्ति/संगठन या समूह बल पूर्वक सार्वजनिक प्रतिष्ठानो को बन्द नहीं करायेंगे और न ही किसी भी प्रकार से शासकीयं भवनों/शासकीय सम्पत्तियों को क्षति पहुंचायेंगे। यह कि ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग किया जाता है तो मन्द गति से किया जायेगा तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा के अन्तर्गत किया जायेगा, किन्तु रात्रि 10बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग किसी भी दशा में नही किया जायेगा।

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जनपद वाराणसी के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका (सिविल) सं0-728/2015 अर्जुन गोपाल व अन्य बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया व अन्य में पारित आदेश दिनांक 23.10.2018, 30.10.2018 एवं 31.10.20018, जो सर्वोच्च न्यायालय के वेवसाइट पर उपलब्ध है, के अनुपालन में निषेधाज्ञा पारित किया है कि यह कि ध्वनि प्रदूषण (विनियम एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के अनुसार घोषित साइलेन्स जोन (अस्पताल, नर्सिग होम, प्राथमिक एवं जिला हेल्थ केयर सेन्टर, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थल एवं अन्य घोषित क्षेत्र) के 100 मीटर के अन्दर पटाखें न फोड़े जाय। यह कि ऐसे पटाखों का विक्रय प्रतिबन्धित रहेगा, जिनमें एण्टीमनी, लीथियम, मरकरी, आरसेनिक लेड के कम्पाउण्ड या स्ट्रांसियम कोमेट या बेरियम साल्ट का प्रयोग किया गया हो। यह कि जुड़े हुये पटाखे, श्रृंखलाबद्ध पटाखे/लड़ी का विकय प्रतिबन्धित रहेगा। यह कि पटाखों का ऑनलाईन वेबसाइट (E-commerce websites) जैसे फ्लिपकार्ट, अमेजॉन इत्यादि के माध्यम से विक्रय नही किया जायेगा। यह कि गुरूपर्व एवं अन्य ऐसे त्यौहार जिन पर आतिशबाजी की जाती है, उन त्यौहारों पर रात्रि 08:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे के मध्य ही आतिशबाजी की जायेगी। क्रिसमिस डे और नववर्ष के अवसर पर 11-55 P.M. से 12-30 A.M. के मध्य आतिशबाजी की जायेगी।

किसी भी व्यक्ति/संगठन द्वारा किसी भी फोर व्हीलर गाड़ियों के शीशे पर काली फिल्म/लाल बत्ती/हूटर का प्रयोग पूर्णरूप से प्रतिबन्धित किया जाता है। यह कि कोई भी व्यक्ति त्यौहार के दौरान हाकी/स्टिक,लाठी-डण्डा, लोहे की सरिया आदि लेकर नहीं चलेगा। यह कि कोई भी व्यक्ति अपने घर अथवा घर की छत अथवा किसी भी स्थान पर ईंट- पत्थर-आग्नेयास्त्र अथवा विस्फोटक आदि एकत्रित नहीं करेगा और न ही जन-जीवन प्रभावित करने/शांति व्यवस्था प्रभावित करने के लिए इसका उपयोग करेगा। यह कि किसी भी सार्वजनिक स्थान-गली-सड़क आदि स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्रित नहीं होंगे, जिससे कि शान्ति व्यवस्था प्रभावित होने की सम्भावना बने। यह प्रतिबन्ध धार्मिक आयोजनों/वैवाहिक जुलूसों मन्दिर-मस्जिद- गुरुद्वारा एवं चर्च में लागू नहीं होगा। साथ ही शव यात्रा पर भी प्रभावी नहीं होगा। यह कि कोई भी व्यक्ति/संगठन किसी प्रकार से कोई असामाजिक कृत्य या गतिविधि नहीं करेगा और न ही किसी प्रकार की असामाजिक गतिविधि वाले व्यक्ति को अपने घर पर प्रश्रय देगा। यह कि यातायात के सम्बन्ध में सक्षम अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जो भी निर्देश जारी किए जाते है उनका उलंघन विभिन्न व्यक्तियों/संगठनो/राजनैतक दलो द्वारा निकाले जाने वाले जुलूस/प्रदर्शन के दौरान किसी भी दशा में नहीं किया जायेगा। किसी भी व्यक्ति-संस्था आदि द्वारा यातायात अवरूद्व नहीं किया जायेगा। जिससे जन साधारण को असुविधा हो। आयोजित होने वाली परीक्षाओं/प्रतियोगिता परीक्षाओं को किसी भी प्रकार से प्रभावित हीं किया जायेगा। न ही परीक्षाओं से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के पोस्टर/बिल/अभिलेख प्रकाशित/वितरित किए जायेंगे। यह कि परीक्षा भवन/परीक्षा केन्द्र में इलेक्ट्रानिक उपकरणों जैसे-मोबाइल, लैपटाप,पेजर आदि को लेकर जाना पूर्णरूप से प्रतिबन्धित होगा।


आयोजित होने वाली परीक्षाओं/प्रतियोगिता परीक्षाओं के समय परीक्षा केन्द्रो की 200 मीटर तक परिधि में व्यक्तियों का एकत्रित होना भी पूर्ण रुप से प्रतिबन्धित होगा। परीक्षा केन्द्रों के आस-पास एक किलो मीटर तक की परिधि में परीक्षा तिथि को परीक्षा अवधि तक फोटो स्टेट/फैक्स आदि की दुकान बंद रहेगी। परीक्षा के समय 200 मीटर तक की परिधि में परीक्षा तिथि को किसी भी प्रकार का लाउडस्पीकर/ध्वनिविस्तारक यंत्र का प्रयोग पूर्णरूप से प्रतिबन्धित होगा। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पत्र संख्या: 22-01/2020/एनसीपीसीआर/पीडी दिनांक 18-08-2021 के अनुपालन में बच्चों के बीच नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन और अवैध तस्करी की रोकथाम हेतु जनपद के समस्त मेडिकल स्टोर्स पर सी0सी0टी0वी0 कैमरा लगवाया जाना अनिवार्य होगा।यह कि किसी भी संस्था अथवा व्यक्ति द्वारा कहीं भी किसी भी प्रकार से कोई नयी परम्परा कायम नहीं की जायेगी। यह कि कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह किसी सार्वजनिक स्थल यथा-बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, छवि ग्रह अथवा धार्मिक स्थल पर प्रज्वलनशील पदार्थ यथा-गिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल, गैस या अन्य कोई रासायनिक पदार्थ तेजाव आदि को जरी कैन या सिलेण्डर के रूप में लेकर न तो विचरण करेगा और अनाधिकृत रूप से इनका भण्डारण ही करेगा। किन्तु यह प्रतिवन्ध घरेलू उपयोग में ले जाये जाने वाले मिट्टी के तेल, डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस पर लागू नही होगा।

वर्तमान में कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। सभी व्यक्तियों द्वारा मास्क/फेस्कवर का प्रयोग किया जायेगा। सभी प्रकार के आयोजन/कार्यक्रम यथा धार्मिक/राजनैतिक/सामाजिक/सांस्कृतिक आदि कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग के मानको तथा राज्य सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। सभी प्रकार के आयोजन/कार्यक्रम के दौरान कोविङ-19 के प्रभावी रोकथाम हेतु भारत सरकार/राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा समय समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित SOP का अनुपालन अनिवार्य रूप सुनिश्चित किया जायेगा। यह आदेश जनपद-वाराणसी के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में 09, सितम्बर 2021 से प्रभावी होकर 31 अक्टूबर, 2021 तक प्रभावी रहेगा। आदेश में वर्णित प्रतिबन्धों की अवहेलना भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

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