वाराणसी
BHU : पीने के पानी और पर्यावरण निगरानी के लिए तीन हाईटेक लैब का शुभारंभ
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पीने के पानी, खाद्य पदार्थों और पर्यावरण की निगरानी के लिए तीन अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की शुरुआत की गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर में स्थापित इन हाईटेक लैब का उद्घाटन किया। ये प्रयोगशालाएं ‘साथी’ यानी सॉफिस्टिकेटेड एनालिटिकल एंड टेक्निकल हेल्प इंस्टीट्यूट सेंटर के अंतर्गत स्थापित की गई हैं, जहां उन्नत तकनीक से लैस उपकरण लगाए गए हैं।
उद्घाटन के बाद कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने प्रयोगशालाओं में लगाए गए उपकरणों का अवलोकन किया और वहां कार्यरत वैज्ञानिकों तथा तकनीकी कर्मचारियों से संवाद किया। अधिकारियों ने बताया कि इन सुविधाओं के माध्यम से फोरेंसिक विश्लेषण, फार्मास्यूटिकल परीक्षण और खाद्य गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जा सकेगा। साथ ही बाहरी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर इन प्रयोगशालाओं के उपयोग का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार पहली प्रयोगशाला ट्रिपल क्वाड्रूपोल लिक्विड मास स्पेक्ट्रोमीटर से सुसज्जित है, जिसके जरिए खाद्य और कृषि उत्पादों में अवशेषों तथा प्रदूषकों की पहचान की जाएगी। इसके माध्यम से चिकित्सा जांच, खाद्य सुरक्षा परीक्षण, पर्यावरण निगरानी और दवा निर्माण से जुड़े विभिन्न विश्लेषण भी संभव होंगे।
दूसरी प्रयोगशाला आयन क्रोमैटोग्राफी प्रणाली पर आधारित है, जो मिट्टी में पोषक तत्वों की उपलब्धता, पेयजल की गुणवत्ता, प्रदूषकों की पहचान, औद्योगिक अपशिष्ट की निगरानी तथा खनन और कृषि प्रभावों के आकलन में सहायक होगी। यह प्रणाली बीआईएस, डब्ल्यूएचओ और ईपीए जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन में भी मददगार साबित होगी।
तीसरी प्रयोगशाला एचआर-आईसीपी-एमएस तकनीक से लैस है, जो मैग्नेटिक सेक्टर डबल-फोकसिंग मास स्पेक्ट्रोमीटर पर आधारित है। इसके माध्यम से पदार्थ विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, भूविज्ञान और जैविक विज्ञान के क्षेत्रों में उन्नत स्तर का अनुसंधान किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन प्रयोगशालाओं की स्थापना से शोध और परीक्षण सुविधाओं को नई गति मिलेगी।
