अपराध
कौन हैं सोनू-मोनू जिन्होंने किया अनंत सिंह पर जानलेवा हमला
कैसे शुरू हुई दुश्मनी ?
बिहार के मोकामा क्षेत्र के बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह पर हुए जानलेवा हमले से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। घटना बुधवार (22 जनवरी) की है, जब उनके काफिले पर करीब 50-60 राउंड फायरिंग की गई। गनीमत रही कि इस हमले में अनंत सिंह पूरी तरह सुरक्षित बच गए।
घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण माहौल है और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह हमला सोनू-मोनू गैंग ने किया है।
कौन हैं सोनू-मोनू?
सोनू और मोनू मोकामा के जलालपुर गांव के रहने वाले सगे भाई हैं। एक समय वे अनंत सिंह के करीबी माने जाते थे और उनके लिए काम करते थे। लेकिन अब उनके और अनंत सिंह के बीच दुश्मनी है।
साल 2009 में ट्रेन में लूटपाट के जरिए अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले इन दोनों भाइयों ने अनंत सिंह के संरक्षण में तेजी से अपना वर्चस्व बढ़ाया। अनंत सिंह को “छोटे सरकार” के नाम से जाना जाता है और उनका राजनीतिक प्रभाव इतना है कि पुलिस-प्रशासन भी उनके आगे झुकता रहा है।

कैसे शुरू हुई दुश्मनी ?
जब अनंत सिंह जेल गए, तो सोनू-मोनू ने अपनी गैंग बना ली और अपराध की दुनिया में मुख्तार अंसारी जैसे बाहुबली से संपर्क साधा। मुख्तार अंसारी का साथ मिलने के बाद सोनू-मोनू ने सरकारी अधिकारियों को धमकाना और पैसे वसूलना शुरू कर दिया।
अब जब अनंत सिंह जेल से बाहर आ गए हैं, तो सोनू-मोनू को उनसे खतरा महसूस होने लगा। जानकारों के मुताबिक, बुधवार को हुए इस हमले का मकसद अनंत सिंह को रास्ते से हटाना था। घटना के बाद से मोकामा में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस प्रशासन ने इलाके में कड़ी निगरानी शुरू कर दी है और इस मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो मोकामा में फिर से गैंगवार की स्थिति पैदा हो सकती है।
