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अपराध

शामली में यूपी एसटीएफ को मिली बड़ी कामयाबी, चार कुख्यात बदमाश ढेर

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इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल

यूपी के शामली जिले में सोमवार देर रात एसटीएफ ने चार कुख्यात बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया। यह घटना हरियाणा बॉर्डर पर स्थित झिंझाना थाना क्षेत्र में हुई। मुठभेड़ करीब 40 मिनट तक चली, जिसमें 30 राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान STF टीम के नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर सुनील गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में रेफर किया गया है।

एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक लाख के इनामी बदमाश अरशद और उसके तीन साथी एक कार में हरियाणा की तरफ जा रहे हैं। इसके बाद 12 पुलिसकर्मियों की टीम ने उनका पीछा किया और कार को घेर लिया। जैसे ही STF ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की, उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

एनकाउंटर का घटनाक्रम

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बदमाशों की तरफ से फायरिंग शुरू होने पर STF ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान तीन बदमाश कार के अंदर ही मारे गए, जबकि चौथा कुछ दूरी पर ढेर हुआ। एनकाउंटर में एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील के पेट में दो गोलियां लगीं। घायल इंस्पेक्टर और बदमाशों को करनाल के अमृतधारा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों बदमाशों को मृत घोषित कर दिया।

मारे गए बदमाशों की पहचान

1. अरशद – सहारनपुर निवासी, 17 मुकदमों का आरोपी।

2. मंजीत – हरियाणा के सोनीपत का निवासी।

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3. सतीश – करनाल का निवासी।

4. चौथे बदमाश की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।


अरशद पश्चिम उत्तर प्रदेश में कुख्यात मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग का सदस्य था। गैंग का मुख्य काम डकैती, हत्या और लूटपाट था। अरशद पर लूट और हत्या के 17 मुकदमे दर्ज थे। वह पहली बार 2011 में पुलिस के रडार पर आया था। एसटीएफ के एसपी बृजेश कुमार सिंह ने इस एनकाउंटर को पश्चिम उत्तर प्रदेश में पिछले 15 वर्षों की सबसे बड़ी मुठभेड़ बताया। पुलिस को बदमाशों के पास से तमंचे, पिस्टल और अन्य हथियार मिले हैं।

मुस्तफा कग्गा गैंग का आतंक

मुस्तफा कग्गा और उसका गैंग 2010-11 में पश्चिम यूपी में खौफ का दूसरा नाम था। मुस्तफा की मौत के बाद गैंग की कमान मुकीम काला ने संभाली। बदमाशों के खौफ के चलते मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों के कई थानों में रात के समय ताले लग जाते थे।

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