सोनभद्र
निजीकरण से विद्युत कर्मचारियों की छंटनी की संभावना
सोनभद्र। निजीकरण के चलते बिजली विभाग में कर्मचारियों की छंटनी की संभावना प्रबल हो गई है। अनपरा तापीय परियोजना में विद्युत कर्मचारियों ने लगातार चौथे दिन काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि निजीकरण के बाद कर्मचारियों की संख्या में भारी कमी आएगी। समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में 44,330 और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में 33,161 पद हैं, जो निजीकरण के बाद समाप्त हो जाएंगे।
इसके परिणामस्वरूप 50 हजार संविदा कर्मियों, 23,818 तकनीशियनों, 2,154 जूनियर इंजीनियरों और 1,518 अभियंताओं की छंटनी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि निजीकरण के पहले ही संविदा कर्मियों की छंटनी शुरू हो गई है जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।समिति ने उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली और उड़ीसा में भी निजीकरण के बाद कर्मचारियों को वी आर एस देकर बाहर किया गया था।
आगरा टोरेंट पॉवर कंपनी और नोएडा पॉवर कंपनी ने भी पूर्वांचल विद्युत परिषद के कर्मचारियों को नौकरी नहीं दी। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि आरएफपी दस्तावेज़ में अर्ली वी आर एस का उल्लेख किया गया है जो यह संकेत करता है कि कम सेवा वाले कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जा सकता है।
