जौनपुर
डीएम के आदेश पर डीआईओएस कार्यालय में छापेमारी, कर्मचारियों में हड़कंप
जौनपुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में बड़ी कार्रवाई हुई। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के प्रदेश संरक्षक रमेश सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर कार्यालय में भ्रष्टाचार और दलालों की सक्रियता की शिकायत की थी।
शिकायत में आरोप था कि तदर्थ शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए बड़ी धनराशि की अवैध वसूली की जा रही है। डीएम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। उनके आदेश पर पीडी और शहर कोतवाल ने संयुक्त रूप से छापेमारी की, जिससे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।
तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन
शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में मुख्य कोषाधिकारी, डायट प्राचार्य और पीडी को शामिल किया गया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने लगाए गंभीर आरोप
रमेश सिंह और अन्य शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि तदर्थ शिक्षकों के वेतन के लिए 1.5 लाख तक वसूले जा रहे हैं। इसमें ₹1 लाख जिला विद्यालय निरीक्षक को पहुंचाया जाता है, जबकि 50,000 दलाल रख लेते हैं। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस, लेखाधिकारी, लेखाकार और वेतन सहायक को तलब किया और पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से डीआईओएस कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।
शिकायत दर्ज कराने वाले प्रतिनिधिमंडल में रमेश सिंह, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव समेत कई शिक्षक नेता और तदर्थ शिक्षक शामिल थे।
