मिर्ज़ापुर
यूपी के उभरते क्रिकेटर विनायक, टीम इंडिया में जगह बनाने का सपना
विनायक की धमाकेदार पारी: 79 गेंदों में बनाये 160 रन, 24 विकेट लेकर बने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर
मिर्जापुर। विंध्यवासिनी नगरी का आशीर्वाद लेकर क्रिकेट के मैदान में चमक बिखेर रहे विनायक चौरसिया ने न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। विनायक, जिन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था, सोमवार को मुंबई की हैरिस शील्ड अंडर-16 ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन से एक नए सचिन और सहवाग की झलक पेश कर रहे हैं।
विनायक ने 79 गेंदों पर 160 रनों की धमाकेदार पारी खेलते हुए क्रिकेट जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आठ पारियों में कुल 490 रन बनाने वाले विनायक ने इस सफर में एक शतक और पांच अर्धशतक भी लगाए हैं। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने सभी को प्रभावित किया है। गेंदबाजी में भी विनायक ने 24 विकेट चटकाकर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब अपने नाम किया।

हालांकि, विनायक के इस चमकदार सफर को यूपी के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। उनके पिता जय चौरसिया, जो खुद एक प्रतिष्ठित भक्ति गायक हैं। अपने बेटे को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
“जनपद का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखने की इच्छा”
दूरभाष पर बातचीत में जय चौरसिया ने कहा, “बेटे की कामयाबी देखकर मन गदगद है। उसका हर शॉट, हर विकेट मेरे लिए एक नई उम्मीद जगाता है। हमने उसे इस सपने को पूरा करने के लिए घर से निकाला और खुशी है कि उसने 160 रनों की शानदार पारी खेली। अब मेरी बस यही इच्छा है कि वह देश का नाम रोशन करे।”
जय चौरसिया का कहना है कि उनका बेटा सिर्फ उनका नहीं, बल्कि मिर्जापुर का गौरव है। लेकिन, क्षेत्रीय भेदभाव की वजह से विनायक को टीम इंडिया में जगह पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
