पूर्वांचल
प्रादेशिक धरना-प्रदर्शन में सैकड़ों अनुदेशकों ने दिखाई ताकत
भदोही। परिषदीय विद्यालयों में तैनात सैकड़ों अनुदेशकों ने बृहस्पतिवार को भी प्रादेशिक अनिश्चित कालीन धरना-प्रदर्शन में ताकत दिखाकर नियमितिकरण, समान वेतनमान की हुंकार भरी। अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ने बताया कि पूर्व नियोजित अनिश्चित कालीन धरना-प्रदर्शन का आगाज सोमवार से ही बेसिक शिक्षा निदेशालय के सामने हुआ है। जहां मौजूद सभी जिलों से पहुंचे हजारों अनुदेशकों ने स्वतःनवीनीकरण, मुकदमे वापस लेने, महिला अनुदेश की जिस जिले में शादी हुई हो वहां तैनाती मिले, आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाए, असामाजिक, आर्थिक सुरक्षा की गारंटी, सीएल के साथ महिलाओं को सीसीएल देने, 12 माह का एक समान वेतन देने सहित अन्य लंबित मांगों को पूरा करने का दंभ भरा गया। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने विभागीय कार्यप्रणालियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने भरकस प्रयास किया कि अनुदेशक उनके आगे घुटने टेंके लेकिन अनुदेश तक तक नहीं डिगेंगे जब तक उनका हक-अधिकार मिलेगा। भंड़ास निकाली कि महानिदेशक से बार-बार हुई वार्ता का कोई असर नहीं रहा है ऐसे में अब अनुदेशक सिर्फ प्रमुख सचिव या मुख्य सचिव स्तर की जवाबदेही मान सकते हैं। अनिश्चित कालीन धरने में पहुंचे संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय सिंह, महासचिव आरके निगम, पंकज यादव, आरके वर्मा, राज्य कर्मचारी महासंघ प्रदेश अध्यक्ष कुतार्थ सिंह, शिक्षामित्र अनुदेश शिक्षक संयुक्त मोर्चा प्रदेश संयोजक तारकेश्वर शाही, मनोज राय जैसे दिग्गजों ने समर्थन देकर धरनारत अनुदेशकों की मांगों को जायज बताया।
