पूर्वांचल
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का हुआ आयोजन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरमांव पर नहीं पहुंचे डॉक्टर
जौनपुर। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए रविवार को जनपद के कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य इकाईयों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। एक केंद्र पर तो इलाज के लिए डॉक्टर ही नहीं पहुंचे। मेले 85 मरीजों का इलाज किया गया।
मछलीशहर स्वास्थ्य केंद्र में नहीं है डॉक्टर की तैनाती –
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मछली शहर के जमालपुर में पीएचसी भवन का निर्माण नहीं होने के कारण आंगनवाड़ी के भवन में अस्पताल चलता है। यहां डॉक्टर की तैनाती तो हो गई है लेकिन भवन नहीं है। बुखार,डायरिया और खुजली के रोगी आ रहे हैं। स्वास्थ्य मेले में फार्मासिस्ट रायसाहब, डॉक्टर आरके यादव, नेत्र सहायक एचके गौतम, एएनएम माला देवी और आशा बहुएं उपस्थित रहीं।
महराजगंज स्वास्थ्य केंद्र पर हुई सिर्फ 35 लोगों की जांच –
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन व स्टाफ नर्स के भरोसे ही 35 लोगों के स्वास्थ्य की जांच हुई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरालाल में फार्मासिस्ट राकेश कुमार,पीएचसी लोहिंदा में एलटी भुवनेश्वर ने इलाज किया। अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि डॉक्टर और फार्मासिस्ट की कमी से दिक्कतें आ रही हैं।
सुजानगंज स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचे कोई डॉक्टर –
क्षेत्र के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरमांव केंद्र पर कोई चिकित्सक इलाज करने नहीं पहुंचा। शिकायतकर्ता मयंक सिंह ने बताया बेरमांव बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किसी डॉक्टर के नहीं पहुंचने पर मरीज वापस लौट गए। इसकी शिकायत सीएमओ से भी किया है।
राजाबाजार और पीएचसी गद्दोपुर –
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजाबाजार और पीएचसी गद्दोपुर में रविवार जन आरोग्य मेला का आयोजन हुआ जिसमें सभी 37 मरीजों का इलाज किया गया। राजाबाजार पीएचसी पर लगे आरोग्य मेले में एलटी अंगद सिंह और एलए रविन्द्र सिंह ने 16 मरीजों का इलाज किया जिसमें 12 पुरुष खसरा खुजली के और 4 महिलाएं सर्दी जुखाम बुखार पीड़ित पहुंची।
इसके अलावा गद्दोपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जन आरोग्य मेले में 21 मरीजो में 12 पुरूष 9 महिलाओ का इलाज स्टाफ नर्स हेमलता सिंह ने किया सभी मरीजो को निशुल्क दवा उपलब्ध कराई गयी साथ में वार्डब्वाय शिवशार्जन, मंगेश सिंह आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
