वाराणसी
अनाज बैंक ने दी बाँसफोर परिवारों को खुशियों की पोटली
होली पर गरीबों की झोपड़ियों से भी अब पकवानों की खुशबू आएगी
300 गरीब परिवारों को दी गयी होली की पोटली
रंग और गुलाल के साथ होली वाले पकवान की सामग्री की गई वितरित
वाराणसी। होली वाला दिन गरीब परिवार के लिए बेबसी भरा न हो इसके लिए विशाल भारत संस्थान द्वारा संचालित अनाज बैंक ने बड़ी तैयारी कर रखी है। लमही के सुभाष भवन में स्थित अनाज बैंक ने गरीब परिवारों की होली फीकी न रह जाये इसके लिए होली की पोटली तैयार कराई जिसमे रंग, गुलाल, पापड़, तेल, चावल, दाल, आटा, चीनी रखी गयी। 300 बाँसफोर परिवारों के साथ गरीब परिवार की महिलाओं को पोटली अनाज बैंक के संस्थापक डॉ० राजीव श्रीवास्तव ने वितरित किया।
होली की पोटली पाकर बाँसफोर बस्ती की महिलाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट थी। उनकी होली इस बार बेबसी वाला नहीं होगा, अब उनके घर में भी पकवान बनेगा और बच्चे त्योहार पर भूखे पेट नहीं सोयेगे। होली का त्योहार रंगों एवं पकवानों के लिए जाना जाता है। घर से उठने वाली पकवानों की खुशबू और होली के उड़ते गुलाल खुशियों में चार चांद लगा देते हैं। लेकिन कुछ घर ऐसे हैं जहां खुशियों पर गरीबी ने ग्रहण लगा दिया है। लमही के मुसहर परिवार की चिंता यही थी कि होली पर इस बार भी सब फीका ही रहेगा। विशाल भारत संस्थान द्वारा संचालित विश्व के पहले अनाज बैंक ने मुसहर परिवारों की चिंता की और उनको रंग, गुलाल, पापड़, तेल, चावल, दाल, आटा, चीनी वितरित किया गया। होली के अवसर पर अब न कोई घर भूखा रहेगा और न ही त्योहार मनाने की चिंता करनी पड़ेगी। अनाज बैंक इस बात का खास ख्याल रखता है कि त्योहार पर कोई भी भूखा न सोये।
इस अवसर पर अनाज बैंक के संस्थापक डॉ० राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि होली पर कोई भी भूख से पीड़ित न हो इसका विशेष ख्याल रखा गया है। अनाज बैंक अपने खाताधारकों को होली की पोटली दे रहा है। साथ ही होली के दिन अनाज बैंक 24 घण्टे खुला रहेगा। यदि किसी के घर में भूख की स्थिति हो तो वह अनाज बैंक से अनाज की पोटली ले सकता है। बच्चों को भूख का सामना न करना पड़े, इसके लिए भी अनाज बैंक ने व्यवस्था की है। गरीबों की झोपड़ी भी रंगों में रंगी हो और पकवानों की खुशबू आये तभी अवध वाली होली मनेगी।
ओम प्रकाश सिंह, अमित कुमार श्रीवास्तव एवं अभय राज ने अनाज वितरित किया। वितरण में अर्चना भारतवंशी, नाजनीन अंसारी, डा० मृदुला जायसवाल, नजमा परवीन, इली भारतवंशी, खुशी भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, दक्षिता भारतवंशी, शिखा भारतवंशी ने सहयोग किया।
