वाराणसी
लोहता में 274 करोड़ की लागत से बनेगा 60 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने किया बेदौली और भगवानपुर एसटीपी का निरीक्षण
वाराणसी। केंद्र और राज्य सरकार गंगा एवं वरुणा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में लोहता क्षेत्र में 274.31 करोड़ रुपये की लागत से 60 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके लिए टेंडर भी हो चुका है। प्लांट के निर्माण के बाद वरुणा नदी में गिरने वाले 13 नालों को टैप किया जाएगा, जिससे मलजल सीधे नदी में नहीं जाएगा। वरुणा नदी गंगा की प्रमुख सहायक नदी है, जो आदिकेशव घाट पर गंगा में मिलती है। ऐसे में इस परियोजना से गंगा और वरुणा दोनों को प्रदूषण मुक्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलने की संभावना है।
जल निगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व सर्वे कराया था। इसके आधार पर वर्ष 2037 तक की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए 1780.86 करोड़ रुपये की लागत से चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भेजा गया था। इसके अंतर्गत भगवानपुर में 308 करोड़ रुपये की लागत से 55 एमएलडी तथा सूजाबाद में 96 करोड़ रुपये की लागत से सात एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्माणाधीन है। अब लोहता में 60 एमएलडी के एसटीपी का मार्ग भी पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
इसी क्रम में गुरुवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने लोहता के ग्राम बेदौली का दौरा किया। उन्होंने दुर्गा नाले के माध्यम से वरुणा नदी में गिर रहे अशोधित सीवेज को रोकने के लिए प्रस्तावित 60 एमएलडी क्षमता के नए एसटीपी को मंजूरी दी। नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत इस परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करना और नगरीय विस्तार के कारण बढ़ी गंदगी की समस्या को समाप्त करना है।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने परियोजना की तकनीकी पहलुओं और निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य पूरी तेजी और आपसी समन्वय के साथ किया जाए, ताकि वरुणा और गंगा के प्रदूषण नियंत्रण का लक्ष्य समय पर पूरा हो सके। मंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बेदौली के निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री ने भगवानपुर स्थित नवनिर्मित 55 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का भी अवलोकन किया। यहां अस्सी नाले से गंगा में प्रवाहित हो रहे अतिरिक्त सीवेज को रोकने के लिए बनाए गए 50 एमएलडी के मुख्य पंपिंग स्टेशन की कार्यप्रणाली को भी परखा गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डायवर्जन के कार्यों में तेजी लाकर उन्हें गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरा किया जाए, जिससे वाराणसी के प्रत्येक क्षेत्र का सीवेज शोधित होकर ही आगे प्रवाहित हो सके।
इस अवसर पर महापौर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जल निगम के अधिशासी अभियंता आशीष सिंह, विक्की कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
