गोरखपुर
यूपी पंचायत चुनाव की फाइनल वोटर लिस्ट अब 15 अप्रैल को
गोरखपुर/लखनऊ। यूपी पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची अब 15 अप्रैल को जारी की जाएगी। पहले यह सूची 28 मार्च को प्रकाशित होनी थी, लेकिन दूसरी बार तिथि बढ़ाए जाने से चुनाव टलने की अटकलें और तेज हो गई हैं।
गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मतदाता सूची के कंप्यूटरीकरण, राज्य मतदाता संख्या आवंटन और मतदेय स्थलों की मैपिंग का कार्य अब 27 मार्च के बजाय 13 अप्रैल तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह आदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह की ओर से जारी किया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तिथि 6 फरवरी से बढ़ाकर 28 मार्च की गई थी। प्रशासनिक व्यस्तताओं, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, बोर्ड परीक्षाओं और बीएलओ पर बढ़ते कार्यभार को देरी की प्रमुख वजह बताया गया है।
तारीख बढ़ने के बाद समय पर चुनाव कराए जाने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर लगातार यह दावा कर रहे हैं कि चुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर ही संपन्न कराए जाएंगे।
लेकिन जमीनी हकीकत पर नजर डालें तो ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद महज एक महीने के भीतर आरक्षण प्रक्रिया, अधिसूचना जारी करने, नामांकन और मतदान जैसी सभी औपचारिकताएं पूरी करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर भी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इसके लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन फिलहाल लंबित है। आयोग में पांच सदस्यों की नियुक्ति और एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को अध्यक्ष बनाए जाने के बाद ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसमें हो रही देरी चुनावी कैलेंडर को और प्रभावित कर सकती है।
यदि निर्धारित समय तक चुनाव नहीं हो पाते हैं तो पंचायतों में प्रशासक तैनात किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है, जिसके बाद छह महीने के भीतर चुनाव कराए जा सकते हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को, ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है।
फिलहाल मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि मई तक चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती हो सकता है। अब सभी की निगाहें 15 अप्रैल को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची और उसके बाद घोषित होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं।
