गोरखपुर
मुख्यमंत्री की निगरानी में हुई जनसुनवाई, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
गोरखपुर। जिले में जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधी निगरानी में संपन्न हुआ। इस दौरान गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सैकड़ों फरियादियों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।
जनसुनवाई में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। शिकायतों में भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि, पुलिस से जुड़े मामलों में कार्रवाई में देरी, पेंशन और आवास योजनाओं से संबंधित दिक्कतें, सड़क, जल निकासी, बिजली आपूर्ति तथा अन्य विभागीय समस्याएं प्रमुख रहीं। जिलाधिकारी ने एक-एक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुना और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि आम जनता को न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ किया जाए। लापरवाही या टालमटोल की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री की निगरानी के कारण जनसुनवाई में प्रशासनिक सख्ती साफ नजर आई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि समस्याओं का समाधान फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ पीड़ित को मिलना चाहिए। कई मामलों में संबंधित विभागों को मौके पर ही फोन कर प्रगति रिपोर्ट तलब की गई, जिससे फरियादियों में भरोसा बढ़ा।
जनसुनवाई के दौरान प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ। फरियादियों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का अब शीघ्र समाधान होगा। प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई के माध्यम से शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि आम नागरिक को समय पर न्याय मिल सके।
