गाजीपुर
परीक्षा परिणाम सत्यापन के बाद ही होगा छात्रवृत्ति डाटा अग्रसारित
लापरवाही पर प्राचार्य व नोडल अधिकारी होंगे जिम्मेदार
गाजीपुर (जयदेश)। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गिरिजा शंकर सरोज ने जानकारी दी है कि वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक वर्ग को छोड़कर) के दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से संबंधित संदेहास्पद डाटा को संशोधन हेतु 13 फरवरी, 2026 को राज्य एनआईसी, लखनऊ द्वारा संबंधित शिक्षण संस्थानों की लॉगिन आईडी पर प्रदर्शित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे संदेहास्पद डाटा का परीक्षण दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली के प्रावधानों के अनुसार सावधानीपूर्वक करें तथा आवश्यक संशोधन के बाद उसे नियमानुसार अग्रसारित अथवा निरस्त करना सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन छात्रों का डाटा परीक्षा परिणाम के कारण संदेहास्पद श्रेणी में रखा गया है, उन्हें अग्रसारित करते समय यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए कि उनका परीक्षा परिणाम घोषित हो चुका हो तथा आवेदन पत्र में अंकित अंकों का भली-भांति मिलान कर लिया गया हो। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अक्षम्य माना जाएगा और किसी भी स्थिति में डाटा को लंबित नहीं रखा जाएगा।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने अन्य सभी दशमोत्तर शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य को सूचित किया है कि उपरोक्त समस्त कार्यवाही निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार 18 फरवरी, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाए। अंतिम तिथि के बाद कोई भी डाटा पोर्टल पर लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता, विलंब अथवा लापरवाही पाई गई तो संबंधित शिक्षण संस्थान के प्राचार्य, प्रधानाचार्य अथवा नोडल अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
