Connect with us

गोरखपुर

महाशिवरात्रि से पहले झारखंडेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, मंगलगीतों के बीच महादेव को चढ़ी हल्दी

Published

on

Loading...
Loading...

गोरखपुर। जिला मुख्यालय से 23 किलो मिंटर दूरी पर स्थित झारखंडेश्वर महादेव शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व से पूर्व शनिवार की शाम भक्ति, उत्साह और पारंपरिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विवाह पर्व की प्राचीन सनातन परंपरा के तहत आयोजित हल्दी रस्म में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे मंदिर परिसर में मंगलगीतों की मधुर गूंज और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो उठा।

उनवल नगर पंचायत के टेकवार चौराहे के समीप स्थित इस प्राचीन मंदिर में शाम होते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। पीले वस्त्रों में सजी माताओं और बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान शिव के विवाह उत्सव के प्रतीक रूप में हल्दी की रस्म निभाई। भक्ति भाव से ओतप्रोत महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए शिवलिंग पर हल्दी अर्पित की और महादेव का विशेष श्रृंगार किया। मंदिर परिसर में श्रद्धा और उल्लास का ऐसा माहौल बना कि हर कोई भक्ति में सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम के दौरान माता पार्वती की प्रतिमा को भी हल्दी लगाकर वस्त्राभूषणों से सुसज्जित किया गया। श्रद्धालुओं ने ‘बोल बम’, ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। श्रद्धालु देर रात तक दर्शन-पूजन करते रहे और महादेव से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

आयोजकों के अनुसार महाशिवरात्रि की अर्द्धरात्रि से मंदिर में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन का सिलसिला शुरू होगा। इसके साथ ही शिव बारात और मेले की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। मंदिर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है, ताकि पर्व के दिन आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभव मिल सके।

हल्दी कार्यक्रम में कंचन गुप्ता, सूचित यादव, अंजु गुप्ता, रीता गुप्ता, ज्योति जायसवाल, राधिका त्रिपाठी, मीना देवी, कुमकुम, जानवी, वंदना, संतोष राम त्रिपाठी, तरंग यादव, अवधेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे आयोजन में अनुशासन और भक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला।

Advertisement

महाशिवरात्रि से पहले हुए इस आयोजन ने न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवंत किया, बल्कि क्षेत्र में सांस्कृतिक एकता और आस्था की मजबूत झलक भी प्रस्तुत की। श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को सनातन संस्कारों से जोड़ने का काम करते हैं, और यही इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page