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वाराणसी

कॉलोनाइजर हत्याकांड: एक लाख का इनामी शूटर मुठभेड़ में ढेर

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वाराणसी। एसटीएफ ने सारनाथ के कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के मामले में एक लाख के इनामी शूटर बनारसी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। मंगलवार रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ, जिसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, वह कॉलोनाइजर की हत्या के बाद पिछले 166 दिनों से फरार था। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।

एसटीएफ की वाराणसी इकाई को सूचना मिली थी कि बनारसी यादव गाजीपुर-वाराणसी हाईवे के रास्ते कहीं भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही संबंधित थाने की फोर्स और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी की। बारियासनपुर रिंग रोड के पास खुद को घिरा देख बनारसी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह अचेत हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट निवासी बनारसी यादव पर वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत अन्य जिलों में 24 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 21 अगस्त 2025 को सिंहपुर में बाइक सवार तीन शूटरों ने महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में कमिश्नरेट पुलिस और एसटीएफ लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी। 4 जनवरी को दूसरे आरोपी अरविंद यादव उर्फ फौजी को सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था, जबकि तीसरे आरोपी विशाल की तलाश अब भी जारी है।

जांच में सामने आया है कि महेंद्र गौतम की हत्या की सुपारी गाजीपुर निवासी जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू ने 29 बिस्वा जमीन के विवाद में दी थी, जिसकी कीमत करीब 60 करोड़ रुपये बताई गई है। इस साजिश के तहत बनारसी यादव, अरविंद यादव उर्फ फौजी और विशाल को दो-दो लाख रुपये और पिस्टल मुहैया कराई गई थी। असलहा बिहार के मुंगेर निवासी मोहम्मद मुकीम द्वारा उपलब्ध कराया गया था।

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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बनारसी यादव के खिलाफ सबसे अधिक मुकदमे गाजीपुर, वाराणसी और सोनभद्र में दर्ज थे। उसका पहला मामला वर्ष 2003 में गाजीपुर के खानपुर थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें बाद में पांच और प्राथमिकी जुड़ीं। चोलापुर थाने में 2005 से 2006 के बीच चार मामले दर्ज हुए, जबकि सोनभद्र के घोरावल थाने में भी उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं। अन्य थानों में भी उस पर आपराधिक मामले दर्ज थे। सारनाथ थाना क्षेत्र में कॉलोनाइजर हत्याकांड के बाद से उसकी लगातार तलाश की जा रही थी।

महेंद्र गौतम हत्याकांड में आरोपी अरविंद यादव उर्फ फौजी, जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू, संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन, श्याम राजभर उर्फ रेखा प्रधान और असलहा तस्कर मोहम्मद मुकीम वर्तमान में जेल में बंद हैं। पुलिस का कहना है कि इस मुठभेड़ के बाद कॉलोनाइजर हत्याकांड से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई पूरी हो गई है।

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