वाराणसी
जमीन पर कब्जे और धोखाधड़ी मामले में निदेशक समेत सात पर प्राथमिकी दर्ज
वाराणसी। जमीन पर कब्जा और धोखाधड़ी के एक मामले में विनायक ग्रुप के निदेशक सर्वेश अग्रवाल सहित सात लोगों के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। दर्ज मुकदमे में वरुणा गार्डेन, सेंट्रल जेल रोड निवासी सर्वेश अग्रवाल, उनकी पत्नी सुषमा अग्रवाल, बहन अंतिमा अग्रवाल, आभा गणेश गुप्ता, विमला दिलकुश दोषी तथा सिकरौल निवासी लल्लन और जंगल को नामजद किया गया है।
कैंट थाना क्षेत्र के सिकरौल की रहने वाली पीड़िता मीता देवी ने पुलिस को बताया कि उनके पति खेल्लन यादव का निधन वर्ष 1992 में हो गया था। उस समय उनका बेटा मात्र छह माह का था। पति की मृत्यु के बाद वह कभी ससुराल तो कभी मायके आती-जाती रहीं और जमीन-जायदाद से संबंधित जानकारी उन्हें नहीं थी। जब बेटा बड़ा हुआ तो उसने जमीन के कागजात दुरुस्त कराने का प्रयास शुरू किया, तभी कथित अनियमितताओं का पता चला।
पीड़िता के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद 8 सितंबर 2005 को श्री जी ग्रीस फर्म के माध्यम से सर्वेश अग्रवाल, आभा गणेश गुप्ता, विमला दिलकुश दोषी, सुषमा अग्रवाल और अंतिमा अग्रवाल ने खेल्लन यादव को अविवाहित दर्शाते हुए फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया, जबकि वह (मिल्लन) के साथ स्वामी थे। इसके बाद वर्ष 2008 में सर्वेश अग्रवाल की पत्नी सुषमा अग्रवाल ने उक्त संपत्ति का बैनामा विनायका निर्माण फर्म के नाम अंतिमा अग्रवाल के पक्ष में कर दिया। अंतिमा अग्रवाल सर्वेश अग्रवाल की बहन हैं।
पीड़िता ने यह भी बताया कि अवैध बैनामे को वैध दिखाने के लिए वर्ष 2021 में विनायका निर्माण के माध्यम से अंतिमा अग्रवाल ने कृष्णा यादव की पत्नी एकता यादव के नाम बैनामा किया। इससे पहले वर्ष 2002 में विनायका निर्माण द्वारा उमेश सिंह और राजेश सिंह के नाम भी बैनामा किया गया था, जिसमें पट्टीदार की जगह किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
मामले में यह भी सामने आया कि पट्टीदार अमर नाथ यादव ने मई 2023 में आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन उस समय सर्वेश अग्रवाल पर दबाव बनाकर समझौता कराने का आरोप लगाया गया। पीड़िता का कहना है कि 26 अक्तूबर 2024 को सर्वेश अग्रवाल के एक सहयोगी द्वारा उन्हें धमकी भी दी गई। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
