गोरखपुर
विरासत गलियारा निर्माण कार्य में विलंब पर व्यापारी लामबंद, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन
गोरखपुर। व्यापारी विरासत गलियारा में निर्माण कार्य की सुस्ती और ठेकेदार की मनमानी से व्यापारी त्रस्त हो गए हैं नलियों के लिए गड्ढे खुद दिए हैं, सड़कों पर भी गड्ढे और मलबा है, नालियों का पानी सड़कों पर ओवरफ्लो होकर बह रहा है। इससे पीड़ित विरासत गलियारा के व्यापारी समस्त व्यापार मंडल से अपनी पीड़ा बता रहे थें, और आज नितिन जायसवाल के नेतृत्व में और गुड्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष सिंह के साथ धर्मशाला से जटाशंकर तक के व्यापारी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से मिले और ज्ञापन दिया।
नितिन जायसवाल ने कहा कि सभी व्यापारी पूरी तरह से प्रोजेक्ट का सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन लोकनिर्माण विभाग सही प्लानिंग संकरी नहीं कर रहा है, नालियों के लिए गड्ढे खुद कर महीनों पहले से छोड़ दिया जा रहा है, जिससे ना सिर्फ दुर्घटना ही हो रही है, बल्कि व्यापार पूरी तरह से बंद हो गया है, कई व्यापारी तो भुखमरी के कगार पर आ गए हैं, किसी तरह से जीविका चला रहे हैं। जहां नाली बनाना है, एक या दो दिन पहले ही वहां गड्ढा किया जाना चाहिए और त्वरित गति से कार्य पूर्ण कराते चलना चाहिए, फिर आगे बढ़ना चाहिए।जहां जहां काम होना है और हो रहा है, वहां से मलबा तुरंत उठाना चाहिए, नालियों को भी लगातार सफाई करते रहना चाहिए और जो गड्ढे हैं रास्ते में हैं उसको भी बंद करवाते चलना चाहिए।
मनीष सिंह ने कहा कि ठेकेदार के आदमी ,व्यापारियोंके द्वारा परेशानी बताए जाने पर गाली गलौज और मारपीट पर उतर जा रहे हैं। पीड़ित व्यापारियों ने भी अपनी बात रखी। मंडलायुक्त ने पूरी बातोंको ध्यान से सुना और जिलाधिकारी से तुरंत बात किया और व्यापारियों संवाद करके समस्याओं को दूर करने का निर्देश दिया और बोला कि ठेकदार को निर्देशित किया जाएगा कि वो इस तरह के लोगों को इस प्रोजेक्ट से दूर रखे और पब्लिक से संवेदना पूर्वक बात करें।
व्यापारियों में देवेश वैश्य ,अनूप कुमार गुप्ता, आलोक कुमार वैश्य, अनुराग गुप्ता, सुशील कुमार, कविता रमानी,विनोद कुमार गुप्ता, योगेंद्र वैश्य, साहिल जायसवाल, मनीष सिंह, देवेश आदि उपस्थित रहे और अपनी पीड़ा व्यक्त की।
