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वाराणसी

दाखिल-खारिज प्रक्रिया में देरी पर नगर निगम सख्त, जोनल अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

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वाराणसी। नगर निगम सीमा में किसी भी भवन या भूखंड की रजिस्ट्री के बाद तीन महीने के भीतर दाखिल-खारिज कराना अनिवार्य कर दिया गया है। तय अवधि के बाद आवेदन करने पर संबंधित को जुर्माना देना होगा। नगर निगम ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है और सभी जोनल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

शहर के प्रत्येक जोन में दाखिल-खारिज से जुड़े 15 से 25 आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। इसी कारण लोग बीते अप्रैल माह से लगातार चक्कर काट रहे हैं। जनसुनवाई में भी आए दिन इस संबंध में शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनके निस्तारण के निर्देश जोनल अधिकारियों को दिए जाते रहे हैं।

दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पीला कार्ड जारी किया जाता है। रजिस्ट्री के उपरांत पीला कार्ड बनवाना जरूरी होता है, जिसके माध्यम से संपत्ति पर स्वामित्व का अधिकार और मजबूत होता है। अक्सर लोग रजिस्ट्री के बाद स्वयं को निश्चिंत मान लेते हैं और इस प्रक्रिया को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका खामियाजा बाद में उठाना पड़ता है।

नगर निगम के अनुसार, संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी की जाती है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन भी कर दी गई है। नगर निगम के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इसके लिए वाराणसी नगर निगम की वेबसाइट www.nnvns.org.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।

जनहित गारंटी योजना के तहत आवेदन किए जाने के 30 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर पीला कार्ड जारी किया जाना होता है। यदि कागजात में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो नगर निगम को प्रक्रिया रोकने का अधिकार है। निर्धारित समयसीमा में प्रक्रिया पूरी न होने पर संबंधित कर निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

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