वाराणसी
एसआईटी की सख्ती बढ़ी, कफ सिरप नेटवर्क से जुड़े चेहरे अचानक ओझल
वाराणसी। कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी प्रकरण में विशेष जांच टीम (एसआईटी) की पड़ताल आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच के दौरान एसआईटी ने कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के संपर्क में रहे लोगों की विस्तृत सूची तैयार की है। इस क्रम में कुल 2500 मोबाइल नंबरों को रडार पर लिया गया है।
शैली ट्रेडर्स के साथ मिलकर कफ सिरप की खरीद-बिक्री में संलिप्त लोगों की सूची काफी लंबी बताई जा रही है। कमिश्नरेट की गठित एसआईटी ने पक्के महाल, मैदागिन और सप्तसागर दवा मंडी समेत आसपास के इलाकों में सक्रिय रहे करीब 40 युवकों की पहचान की है, जो जांच तेज होते ही बनारस छोड़ चुके हैं। एसआईटी उनकी लोकेशन ट्रेस करवा रही है। जांच में हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के कुछ पुराने छात्र नेता भी इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं।
एसआईटी ने शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और उसके 75 हजार रुपये के इनामी बेटे शुभम जायसवाल के संपर्क में रहने वालों की सूची तैयार की है। परत-दर-परत जांच में औसानगंज निवासी पिता-पुत्र समेत उनके रिश्तेदारों की कफ सिरप की खरीद-बिक्री में संलिप्तता उजागर हुई है। जांच में सामने आया है कि सबसे अधिक पक्के महाल के नवयुवकों को कफ सिरप तस्करी में शामिल किया गया। बीते तीन वर्षों में इन युवकों ने होटल, गेस्ट हाउस और प्रॉपर्टी डीलर के व्यवसाय में उल्लेखनीय निवेश किया है। कोतवाली थाने में कुछ युवकों से पूछताछ भी की गई है।
इस मामले में सिगरा थाना क्षेत्र के बादशाहबाग कॉलोनी निवासी मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, खोजवा के दिवेश जायसवाल और सोनिया के अमित जायसवाल के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। शुभम जायसवाल के विरुद्ध कमिश्नरेट पुलिस द्वारा ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, कफ सिरप प्रकरण में आरोपियों की संपत्तियां जब्त की गई हैं। शुभम और भोला जायसवाल के करीबी लोगों की संपत्तियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। जांच के दायरे में यह भी देखा जा रहा है कि तीन वर्षों के भीतर कितनी संपत्तियां बनाई गईं और उनके आय के स्रोत क्या रहे। इन सभी से संबंधित विवरण मांगे जाएंगे।
