दुर्घटना
गोलंबर तोड़ते हुए दुकान में घुसा ट्रक, बड़ी जनहानि टली
संतकबीरनगर। जिले के धनघटा चौराहे पर सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गिट्टी लदा एक ओवरलोड ट्रक अनियंत्रित होकर चौराहे पर बने गोलंबर को तोड़ता हुआ सड़क किनारे स्थित एक मिठाई की दुकान में जा घुसा। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने भी दुकान में घुसे ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। तड़के की शांति को चीरती तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग नींद से जाग गए और घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
चौराहे पर ट्रकों को दुकान में घुसा देख लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे कुछ ही देर में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। दोनों ट्रकों में फंसे चालकों और खलासियों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर ले जाया गया, जहां से तीन लोगों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हादसे में मिठाई की दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। ट्रकों की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकानों के शटर, दीवारें और भीतर रखा कीमती सामान टूटकर बिखर गया। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार, राधा कृष्ण स्वीट हाउस की दुकान में घुसे ट्रक संख्या UP 63 AT 5063 से चालक और खलासी को बाहर निकाला गया। इस हादसे में कानपुर निवासी 24 वर्षीय अंकित पुत्र डल्ले चन्द, 26 वर्षीय नरेश पुत्र कांता सिंह और 28 वर्षीय अमन पुत्र डल्ले चन्द गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों ने तीनों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।
गनीमत यह रही कि हादसे के समय दुकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जानमाल की बड़ी क्षति टल गई। राधा कृष्ण स्वीट हाउस के मालिक महेंद्र कुमार ने बताया कि दुर्घटना में उनके फ्रिज, एसी और अन्य मशीनें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। उनके अनुसार, इस घटना में करीब 10 से 12 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है। इसी तरह ज्योति स्वीट हाउस को भी भारी क्षति पहुंची है।
सूचना मिलते ही धनघटा थाना प्रभारी जयप्रकाश दुबे और उपनिरीक्षक आरडी यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों ट्रकों को कब्जे में लेकर क्रेन की मदद से हटवाया, जिसके बाद कुछ देर में यातायात बहाल कर दिया गया। बताया गया कि एक ट्रक हैंसर की ओर से आ रहा था, जबकि दूसरा बिड़हर की दिशा से धनघटा चौराहे की तरफ बढ़ रहा था।
