गोरखपुर
गोरखपुर में 48 लाख की ठगी का खुलासा, फर्जी निवेश स्कीम के दो आरोपी गिरफ्तार
गोरखपुर। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में 48 लाख रुपये की ठगी के एक संगठित मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 25 जनवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर राज करन नय्यर के विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान में पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी कैंट और थानाध्यक्ष रामगढ़ताल की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाकर दोनों आरोपियों को दबोचा।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों में आदित्य कुमार सिंह (पुत्र हुकुम सिंह), निवासी 10 एक्स सिद्धार्थनगर, थाना रामगढ़ताल, गोरखपुर तथा पंकज सिंह (पुत्र स्वर्गीय वृजभूषण सिंह), निवासी 433/06 नहर रोड, रुस्तमपुर, थाना रामगढ़ताल, गोरखपुर शामिल हैं। आरोप है कि दोनों ने S.B.G. GLOBAL LCC नामक फर्जी कंपनी का हवाला देकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया और दावा किया कि कंपनी में आईडी बनवाकर निवेश करने पर 12 महीने में धनराशि तिगुनी हो जाएगी। इस प्रलोभन में आकर पीड़ितों और उनके साथियों ने विभिन्न बैंक खातों में कुल 48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बताया गया कि शुरुआत में भरोसा कायम रखने के लिए आरोपियों ने कुछ दिनों तक मामूली लाभांश देकर लोगों को विश्वास में लिया, लेकिन जैसे ही बड़ी रकम जमा हो गई, वे संपर्क से बाहर हो गए। पीड़ितों द्वारा रकम वापस मांगने पर कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद थाने में तहरीर दी गई और उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) छद्मवेश में धोखाधड़ी, धारा 318(4) धोखाधड़ी, धारा 336(3) धोखाधड़ी द्वारा संपत्ति हड़पना, धारा 338 कूट रचना, धारा 340(2) धोखाधड़ी से संपत्ति हासिल करना तथा धारा 352 और 351(3) आपराधिक धमकी सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि यह प्रकरण केवल साधारण ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार कुशवाहा, उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार राय तथा कांस्टेबल बृजेश चौहान (सभी थाना रामगढ़ताल) शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि दोनों अभियुक्त फिलहाल हिरासत में हैं और आगे की जांच जारी है। साथ ही अन्य पीड़ितों के सामने आने पर कार्रवाई को और विस्तारित किए जाने की बात कही गई है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि “तिगुना रिटर्न”, “क्रिप्टो ट्रेडिंग” या “MLM/निवेश स्कीम” जैसे लुभावने ऑफर के झांसे में आने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें, क्योंकि शुरुआती लाभ दिखाकर लोगों को फंसाने के बाद ऐसे मामलों में पूरी रकम डूबने की आशंका रहती है।
